डीके रतन ने कहा कि विशेष संक्षिप्त संशोधन के बाद 21 जनवरी को मतदाता सूचियों के अंतिम प्रकाशन के अनुसार कुल 50 लाख 96 हजार 869 मतदाता पंजीकृत हैं जिनमें 25 लाख 84 हजार 183 पुरुष, 25 लाख 12 हजार 627 महिला और 59 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं।
अंतिम प्रकाशन के समय पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं की संख्या 88 हजार 127 थी जो कि अब बढ़कर 1 लाख 33 हजार 083 हो गई है। उन्होंने बताया कि यह संख्या 29 अप्रैल तक प्राप्त आवेदनों पर ईआरओ के निर्णय एवं निपटारे के बाद बढ़ सकती है।
वहीं, 22 फरवरी को अंतिम प्रकाशन के समय सेवाहर्ता मतदाताओं की संख्या 62 हजार 131 है जोकि सेना रिकार्ड कार्यालयों से प्राप्त 5 हजार 437 नए आवेदनों के कारण बढ़ सकती है जिन्हें 29 अप्रैल 2019 तक निपटाया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पात्र नागरिक अभी भी आवेदन कर सकते हैं जिन्हें लंबित रखा जाएगा और उन पर लोकसभा चुनावों के बाद कार्रवाई की जाएगी।