जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त नेताओं की रैलियों के लिए ठियोग ग्राउंड अनफिट हो गया है। वीवीआईपी रैलियों के लिए ठियोग का पोटैटो ग्राउंड लोकसभा चुनाव की रैलियों के लिए बौना साबित हुआ है। वीवीआईपी की रैली के लिए तैयार मंच से 25 मीटर का घेरा छोड़ना जरूरी है।
एआईसीसी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की रैली के लिए पोटेटो ग्राउंड भी छोटा पड़ रहा है। सूत्रों से मालूम हुआ है कि ठियोग का पोटेट ग्राउंड वीवीआईपी नेताओं की चुनावी रैलियों के लिए एसपीजी की कसौटी में खरा नहीं उतरा है।
एसपीजी के अधिकारियों की टीम ने जब पोटेटो ग्राउंड का जायजा लिया तो पाया गया कि यहां पर मजबूत सुरक्षा घेरा बनाना संभव नहीं है। बताते हैं कि सुरक्षा घेरा मजबूत बनाने के लिए पहले मंच के सामने 25 मीटर की दूरी में डी आकार का सुरक्षा कवच तैयार किया जाता है।
इतना बड़ा सुरक्षा घेरा बनाने के बाद पोटैटो ग्राउंड में लोगों की भीड़ जुटाने के लिए उपयुक्त जगह नहीं बन पाई। इसी तरह उक्त ग्राउंड के आसपास कड़ा सुरक्षा घेरा बनाकर रखना भी काफी कठिन था। यही कारण है कि प्रियंका की ठियोग रैली को भी एसपीजी अधिकारियों ने हरी झंडी देने से मना कर दिया।
प्रियंका की ठियोग रैली रद्द होने से एक बात तो साफ हो गई है कि भविष्य में यहां वीवीआईपी की रैलियां कराना संभव नहीं रहेगा। क्योंकि यह मैदान सुरक्षा प्रबंधों के लिए उपयुक्त नहीं है और यहां पर कड़ा सुरक्षा घेरा बनाकर रखना काफी कठिन है।