शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह स्वयं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की तारीफ कर चुके हैं। आया-राम, गया-राम की राजनीति करने वालों से काफी नाराज हैं। वीरभद्र सिंह ने खुद कहा कि वह न तो मंडी से चुनाव लड़ रहे हैं और न ही उनके परिवार का सदस्य चुनाव लड़ेगा।
जो भी लड़ेगा, मकरझंडू होगा। शिक्षा मंत्री ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि कांग्रेस का प्रचार अभियान गालियां देने और अपशब्द बोलने तक सीमित है। टिकट आवंटन से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चुनाव लड़ने से भागते रहे।
भाजपा छोड़कर जाने वालों और टिकट न मिलने वाले नेताओं को मजबूरन चुनाव मैदान में उतारा। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह औपचारिकता के लिए कह रहे हैं कि उनके समय में खोले गए स्कूल-कॉलेज बंद किए तो उसका विरोध करेंगे, जबकि सरकार की ऐसी कोई मंशा नहीं है।
कहा कि धन-बल से कभी चुनाव नहीं जीता जा सकता। भारद्वाज ने कहा कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उस समय उन्होंने प्रचार के दौरान लोगों की मांग पर सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने का वायदा किया था। जब केंद्र में आनंद शर्मा मंत्री थे तो उस समय डब्ल्यूटीओ पर हस्ताक्षर हुए, जिस कारण सेब पर आयात शुल्क 50 फीसदी से अधिक नहीं लगाया जा सकता है।