फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांग्रेस में फिर सुलगी गुटबाजी की दबी चिंगारी, पार्टी की चिंता बढ़ी

Sat, 27 Apr 2019 04:20 PM IST
अरविन्द ठाकुर विपिन काला, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
1 of 5
सांकेतिक तस्वीर
हमीरपुर में रामलाल के नामांकन के दौरान पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के सुक्खू पर किए हमले के बाद कांग्रेस में गुटबाजी की दबी चिंगारी एक बार फिर सुलग गई है। लोकसभा चुनाव में दोनों गुटों में फिर तकरार बढ़ने से पार्टी की चिंता बढ़ गई। तीखे बयानों से हो रहे नुकसान के चलते अब कांग्रेस प्रत्याशी वीरभद्र-सुक्खू को एक साथ प्रचार में बुलाने से कतरा रहे हैं। उधर, पार्टी नेतृत्व दोनों नेताओं में एक बार फिर सुलह कराने में जुट गया है। 
विज्ञापन

2 of 5
फाइल फोटो
कुलदीप राठौर के प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद भले ही प्रदेश कांग्रेस में एकजुटता के दावे हो रहे हों, लेकिन चुनाव में कांग्रेस की गुटबाजी फिर उजागर हुई है। पार्टी प्रभारी भी नहीं चाहते कि हमीरपुर की तरह दोबारा ऐसी बयानबाजी हो कि प्रत्याशी को नुकसान हो। हाईकमान ने हमीरपुर संसदीय क्षेत्र को पहले ही हाई अलर्ट में रखा है। प्रभारी रजनी पाटिल को खास दिशा निर्देशों के साथ मोर्चा संभालने के लिए भेजा हुआ है।
विज्ञापन

3 of 5
फाइल फोटो
हमीरपुर में कांग्रेस प्रत्याशी रामलाल ठाकुर को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने जिस तरीके से रैली में निशाने पर रखा, बताते हैं कि इसके बाद से उन्होंने वीरभद्र को बुलाने से तौबा कर ली है। हालांकि पाटिल ने पहले ही वीरभद्र सिंह से स्पष्ट कह दिया है कि ऐसे मौके पर इन सब बातों से बचा जाना चाहिए।

4 of 5
कर्नल धनीराम शांडिल - फोटो : फाइल फोटो
शिमला संसदीय क्षेत्र में सब कुछ ठीक नहीं चल रह रहा है। शांडिल को टिकट मिलने से आवेदन करने वाले 15 नेता नाराज हैं। शिमला जिला का एक पूर्व विधायक तो पार्टी छोड़ने की तैयारी में था। जिले के एक विधायक को गुरुवार को उनके घर मनाने भेजा गया। रूठों को प्रचार में लाने के लिए मनाने का दौर जारी है। मंडी संसदीय क्षेत्र में आश्रय शर्मा के नामांकन के बाद रैली में वीरभद्र सिंह के आप खुद समझदार हैं के बयानों के भी कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
रामलाल ठाकुर - फोटो : फाइल फोटो
हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के प्रत्याशी रामलाल ठाकुर की रैली में मंच संचालन को लेकर भी राजनीति हुई है। बताते हैं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के विधायकों में किसी एक विधायक को मंच संचालन का दायित्व सौंपने को दबाव बनाया जा रहा था। अंतिम क्षणों में मंच संचालन प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता प्रेम कौशल को सौंपा गया। इससे कई विधायकों को परेशानी हुई थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें