कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के राजनीतिक सलाहकार सैम पित्रोदा ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि कांग्रेस के सत्ता में आने पर राहुल गांधी ही प्रधानमंत्री बनेंगे। प्रधानमंत्री बनाने का हक चुने हुए सांसदों का होता है। वह अपनी इच्छा से प्रधानमंत्री चुनते हैं।
सैम पित्रोदा धर्मशाला में पत्रकार वार्ता के दौरान मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। धर्मशाला के नरवाणा में बुद्धिजीवियों से संवाद और दलाईलामा से भेंट करने पहुंचे पित्रोदा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस की ओर से शुरू किए गए डिजिटल इंडिया पर अच्छा काम किया।
पांच साल में मोदी सरकार की परफारमेंस जीरो रही। जब उनसे उनका रिपोर्ट कार्ड पूछें तो भाजपा के लोग देश का ध्यान बॉर्डर की तरफ धकेलने की कोशिश करते हैं। सवाल पूछने वालों को देशद्रोही कहा जाता है। कुछ दिन पहले मैंने सवाल पूछा तो मुझे ही देशद्रोही बोल दिया।
अपनी विवादित टिप्पणी पर सैम ने कहा कि किसी भी देश का यदि एक नागरिक या किसी परिवार का एक सदस्य कोई गलत काम करे तो पूरे परिवार या देश को दोषी ठहराना गलत है।
मेनिफेस्टो में आर्म्ड फोर्स स्पेशल प्रोटेक्शन एक्ट को हटाने पर कहा कि मेनिफेस्टो को निश्चित करने से पहले उनकी पार्टी ने कई सेमिनार और बैठकें कीं। तीन लाख लोगों से मंत्रणा करने के बाद सभी मुद्दों को मेनिफेस्टो में लाया गया।
मोदी दिवंगत नेता राजीव गांधी पर अनापशनाप बयानबाजी कर पीएम कद को गिरा रहे हैं। मोदी सरकार में देश का कर्ज करीब 50 फीसदी से अधिक बढ़ गया है। राजीव गांधी और राहुल गांधी में अंतर के सवाल पर उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के समय वर्तमान जैसे हालात नहीं थे।
राहुल गांधी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है जो राजीव गांधी के समय में नहीं थीं। हिमाचल में कांग्रेस चार नहीं तीन सीटें जीतेगी। ऐसा मैने सुना है। मोदी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का पैसा अपने प्रचार पर ही लगा दिया। हिम्मत है तो मोदी राहुल गांधी के साथ डिबेट करें।