रैली में न तो बाली, उनके बेटे और न ही पदाधिकारी पहुंचे। हालांकि, रैली में शामिल न होने के नेताओं ने अपने-अपने तर्क देने की कोशिश की। खास बात यह भी रही कि एयरपोर्ट से लेकर मटौर तक हुए रोड शो में सड़कों के किनारे कांग्रेस उम्मीदवार का एक भी पोस्टर और बैनर नहीं दिखा।
हालांकि, एयरपोर्ट, रोड शो और रैली स्थल पर समर्थकों की भीड़ जुटाकर काजल ने शक्ति प्रदर्शन करने की कोशिश जरूर की। रोड शो और रैली में पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा रैली आयोजन के डायरेक्टर की तरह भूमिका निभाते हुए दिख रहे थे। अपने भाषण में उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी किशन कपूर पर रोने का तंज कसकर अपने राजनीतिक इरादे जाहिर कर दिए।
रोड शो के बाद पवन काजल के घर के बाहर हुई स्वागत रैली में प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा सहित कुछ विधायकों, पूर्व विधायकों ने भाजपा उम्मीदवार किशन कपूर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा।
रैली में काजल ने साफ संकेत दिए कि सियासी रण की रणनीति उन्हीं के घर से बनेगी। रैली में भीड़ जरूर जुटाई गई लेकिन शाम होने के चलते कुलदीप राठौर और काजल के भाषण के दौरान ही महिलाएं कुर्सियां खाली छोड़कर घर को जाने लगीं। मंच पर काजल दूर से इशारों से महिलाओं को रोकने की कोशिश करते रहे। काजल ने अपने भाषण का ज्यादातर हिस्सा विधानसभा क्षत्र में अपनी उपलब्धियों पर ज्यादा फोकस किया।