प्रत्याशियों के प्रचार के लिए लाहौल नहीं पहुंचने के पीछे रोहतांग दर्रा बंद होने के साथ कम मतदाताओं का होना माना जा रहा है। हालांकि दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के स्थानीय नेता डोर टू डोर प्रचार कर रहे हैं। जिले में अभी तक हालात ऐसे हैं कि सर्दियों में हुई बर्फबारी के कारण लाहौल के कुछ मतदान केंद्रों को जाने वाले संपर्क सड़क मार्ग अभी भी बंद हैं।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता अनिल सहगल का कहना है कि भाजपा प्रत्याशी को लाहौल के लोगों की वोट की जरूरत नहीं है। यही वजह है कि 2014 की तरह इस बार भी रामस्वरूप ने प्रचार के लिए घाटी का रुख करना जरूरी नही समझा। वहीं, जिला भाजपा के महासचिव शमशेर ने कहा कि 11 मई को रामस्वरूप ने सीएम जयराम के साथ प्रचार के लिए लाहौल आना था, लेकिन खराब मौसम के कारण दौरा रद्द करना पड़ा।
ऐसे में सीएम और सांसद ने टेलीफोन के जरिये चुनावी रैली को संबोधित किया था। मतदाता रमेश, कृष्ण, आकाश, निर्मल और कुलजीत का कहना है कि लाहौल में कम मतदाताओं के कारण राजनीतिक दल घाटी की अनदेखी करते आए हैं।