नाम लिए बिना भारती ने लिखा है - इस राष्ट्रीय नेता को आने वाले समय में मैं सबक सिखाऊंगा। ये नेता पहले अपने लिए लोस टिकट की पैरवी कर रहा था। जब लगा कि टिकट मिल गया और चुनाव हार गया तो क्या बनेगा। इसलिए इसने पवन काजल को आगे कर चाल चली ताकि नाम जाए कि ओबीसी नेता के लिए मैंने त्याग किया जिससे दोनों हाथ में लड्डू रहें।
भारती ने लिखा है - भाजपा के नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर अभद्र टिप्पणियां करते हैं। इसलिए, मैं भी ऐसे भाजपा नेताओं को उन्हीं की भाषा में जवाब देता हूं। मैं अपने राष्ट्रीय नेताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां नहीं सुन सकता हूं। मेरा खून खौलता है। रही बात मेरी सदस्यता की तो कांग्रेस मेरे खून में है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष चापलूसों से दूर रहें। इससे कांग्रेस मजबूत नहीं होगी।