सिरमौर जिले की कुल 25 पिछड़ी पंचायतों में से 23 पंचायतें गिरिपार क्षेत्र में आती हैं। हाटी समिति के अनुसार प्रतिव्यक्ति आय में जनजातीय जिला किन्नौर की 2,17993 रुपये के मुकाबले सिरमौर की प्रतिव्यक्ति आय महज 31,348 रुपये है। यदि पांवटा और नाहन को अलग किया जाए तो यहां की प्रतिव्यक्ति आय महज दस हजार रह जाती है। औद्योगिक क्षेत्र और उपजाऊ कृषि भूमि पांवटा और नाहन तहसीलों में ही पड़ती है।
तमाम शर्तें पूरी, फिर मामला लंबित क्यों?
लोकूर कमीशन के अनुसार जनजातीय शोध संस्थान शिमला ने दो अगस्त 2016 को अपनी रिपोर्ट हिमाचल सरकार को सौंपी। तीन अगस्त को हिमाचल मंत्रिमंडल ने सर्वे रिपोर्ट के साथ प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा। जिस पर आरजीआई ने तीन सवालों के जवाब मांगे। इनमें गिरिपार क्षेत्र की पंचायतों के अनुसार जनसंख्या, गिरिपार और जोंसार बाबर क्षेत्र का साथ लगता भौगोलिक नक्शा और राज्यपाल की संस्तुति शामिल है। ये शर्तें राज्य सरकार पूरी कर चुकी है फिर भी मामला आरजीआई के पास लंबित है।
अब बातें नहीं, रुख तय करें नेता : समिति
केंद्रीय हाटी समिति के अध्यक्ष अमीचंद और महासचिव कुंदन सिंह शास्त्री का कहना है कि गिरिपार क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति और परंपराएं तभी बचेंगी जब हाटी समुदाय को जनजाति का विशेष दर्जा मिलेगा। चुनाव में सभी राजनीतिक दल हाटी मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करें। मन बहलाने वाली बात अब नहीं चलेगी। केंद्र में बनने वाली नई सरकार से हाटी समिति संपर्क करेगी। बात नहीं बनी तो अंतिम विकल्प न्यायालय में जाने का रहेगा।
क्या कहते हैं प्रत्याशी
गिरिपार को एसटी दर्जा देने का मुद्दा भाजपा सरकार ने गंभीरता से उठाया है। सांसद वीरेंद्र कश्यप ने मामले को केंद्र तक पहुंचाने के भरसक प्रयास किए। इतनी लंबी प्रक्रिया पूरी करने में सांसद का अहम योगदान रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी जब सांसद थे तो उन्होंने कभी इस मुद्दे का जिक्र तक नहीं किया। मैं सांसद बना तो संसद में मामला उठाऊंगा। विधानसभा में भी मैंने मामला उठाया था। इस मांग को पूरा करने के हर संभव प्रयास होंगे। - सुरेश कश्यप, भाजपा प्रत्याशी
प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने ही प्रस्ताव पारित कर मामला केंद्र को भेजा था। गिरिपार जनजाति दर्जा हासिल करने का हकदार है। जोंसार बाबर और गिरिपार की संस्कृति, रहन-सहन आदि एक समान है। इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। चुनाव में जीत मिली तो गिरिपार को एसटी का दर्जा देने का मामला संसद में जोरशोर से उठाऊंगा। - डॉ. धनीराम शांडिल, कांग्रेस प्रत्याशी