पालमपुर के बागी नेता प्रवीण शर्मा, फतेहपुर के बलदेव ठाकुर और राजन सुशांत की घर वापसी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवीण शर्मा और बलदेव ठाकुर को पार्टी में वापस लेने पर विचार चल रहा है। इससे इतर राजन सुशांत का केस थोड़ा पेचीदा है।
हिमाचल के कई और नेताओं की घर वापसी पर भी विचार चल रहा है। जयराम ने कहा कि मुकेश अग्निहोत्री और सुखविंद्र सुक्खू के राजनीतिक साहस का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दोनों डर के मारे लोकसभा चुनाव लड़ने से भाग गए।
हाईकमान ने दोनों नेताओं को हमीरपुर सीट से लड़ने के लिए कहा लेकिन दोनों तैयार नहीं हुए। जबकि, ये दोनों नेता कांग्रेस में बड़ा लीडर होने का दम भरते हैं। मुकेश अग्निहोत्री के पीछे तो उनकी अपनी ही पार्टी के नेता पड़े हैं।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को शाहपुर में मंडल सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में हार के भय से कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने टिकट नहीं लिए। इसका उदाहरण कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में भी देखा गया।
यही नहीं, कांग्रेस के कई प्रत्याशी अपनी इच्छा से नहीं बल्कि हाईकमान के आदेश को पूरा करने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस के नेता बौखलाहट में आकर बयानबाजी कर रहे हैं।
जनता को गुमराह करने के लिए विपक्ष के नेता कई अभियान चला रहे हों लेकिन जनता उनके झांसे में नहीं आने वाली है। सम्मेलन में शांता कुमार, भाजपा प्रत्याशी किशन कपूर और मंत्री सरवीण चौधरी भी मौजूद रहे।