चुनावी मौसम में लोअर बाजार के संसार टेलर ने भाजपा के कमल के फूल की छाप वाली स्पेशल नारंगी सदरी तैयार की है। संचालक संसार कौशल ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से इसके लिए कपड़ा मंगवाया था। अभी दो पीस तैयार किए हैं। एक पीस तो बनते ही लोअर बाजार के ही कारोबारी ने खरीद लिया।
हिमाचल में टोपियों का इतिहास
वीरभद्र सिंह पहली बार 1983 में हिमाचल के मुख्यमंत्री बने। वीरभद्र हरे रंग की बुशैहरी टोपी पहनते हैं। समय के साथ यह टोपी कांग्रेस की पहचान बन गई। 1998 में प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल हिमाचल के मुख्यमंत्री बने। धूमल मैरून रंग की टोपी पहनते हैं। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद से मैरून टोपी भाजपा की पहचान बन गई।