प्रदेश में भाजपा के कार्यकर्ताओं व समर्थकों को अपने वाहनों में बैनर लगाकर प्रचार करना भारी पड़ेगा। चुनाव आयोग के निर्देश पर प्रदेश निर्वाचन कार्यालय ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को ऐसे वाहनों का डाटा तैयार करने के लिए निर्देश दे दिए हैं। ऐसे प्रचार वाहनों का खर्च चुनाव आयोग पार्टी के खर्र्च में जोड़ेगा।
दरअसल, अमर उजाला ने 12 मार्च को गाड़ियों में बैनर लगाकर प्रचार कर रहे भाजपा के कार्यकर्ता शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद चुनाव आयोग इस मामले में हरकत में आ गया है।
प्रदेश निर्वाचन कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को आदर्श आचार संहिता का शत प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है। साथ ही बिना अनुमति के इस तरह के प्रचार पर भी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि नामांकन के बाद होने वाले प्रचार को प्रत्याशी के खाते में जोड़ा जाएगा। साथ ही उस दौरान अलग से टीमें सिर्फ प्रत्याशी व उसके प्रचार में होने वाले खर्च पर नजर रखेंगी। इसके अलावा एक वीडियोग्राफर के साथ टीम को भी प्रत्याशी के साथ लगाया जाएगा ताकि उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।