अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी बुद्धिजीवी विभाग के अध्यक्ष और राहुल गांधी के राजनीतिक गुरू सैम पित्रोदा ने कहा कि 1984 के सिख दंगों पर दिए उनके बयान को मीडिया ने गलत तरीके से पेश किया है।
इस बयान से आहत लोगों से उन्होंने तुरंत माफी भी मांगी है। पित्रोदा ने शनिवार को शिमला में होटल होलीडे होम में पत्रकारों से कहा कि 1984 की घटना दुखद है और उसको लेकर मैं खेद भी जता चुका हूं, लेकिन हिंदी खराब होने की वजह से मीडिया में इस बात को गलत तरीके से पेश किया गया।
इस वजह से यह पूरा विवाद पैदा हुआ है। कहा कि जब यह बयान दिया, उसके बाद मैं पत्नी के साथ स्वर्ण मंदिर माथा टेकने भी गया। मैं किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं हूं।
इससे पहले पित्रोदा ने कांग्रेस बुद्धिजीवी, विधि, प्रोफेशनल विभागों के पदाधिकारियों सहित एनएसयूआई और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रतिनिधियों को संबोधित करते कहा कि मोदी सरकार में हुुई नोटबंदी और जीएसटी ने देश की अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर दिया। मोदी शासनकाल के दौरान पिछले पांच साल में देश के विकास पर भी विपरीत असर पड़ा है।