इन विधायकों से कहा गया है कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में ही प्रचार करें। अगर जरूरी है तो प्रभारी रजनी पाटिल और प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर को विश्वास में लेना होगा। स्वीकृति मिलने के बाद ही ये विधायक अपना क्षेत्र छोड़कर प्रचार को बाहर जा सकेंगे।
इसके अलावा इन विधायकों से कहा गया है कि वह हर कहां प्रचार को कहां जा रहे हैं, इसकी जानकारी प्रभारी और प्रदेशाध्यक्ष को देनी होगी। हाईकमान ने इस बात पर भी कड़ा नोटिस लिया है कि प्रभारी पाटिल और प्रदेशाध्यक्ष राठौर को विश्वास में लिए बिना कैसे कांग्रेस के नाम से चुनाव आयोग के समक्ष ज्ञापन देने गए। चुनाव आयोग को ज्ञापन देने से पहले प्रभारी और प्रदेशाध्यक्ष को क्यों नहीं बताया गया?
हाईकमान ने साफ कहा है कि कोई भी कदम उठाने से पहले प्रभारी और प्रदेशाध्यक्ष को विश्वास में लिया जाए। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा से भी मिले और उनसे राज्य में चुनाव प्रचार को लेकर भी उन्होंने चर्चा की।