बोर्ड ने रिजल्ट जल्द घोषित करने के लिए कर्मचारियों पर बोझ बढ़ाने की बजाय इनकी संख्या में बढ़ोतरी की। इसके लिए बोर्ड ने मूल्यांकन केंद्रों में बढ़ोतरी कर दी है। 30 से बढ़ाकर 53 मूल्यांकन केंद्र स्थापित किए।
पेपर मूल्यांकन में लगने वाले अध्यापकों की संख्या भी बढ़ा दी गई। बोर्ड ने पिछले साल 24 अप्रैल को 12वीं का परिणाम घोषित किया था, जबकि तीन मई को 10वीं का परिणाम निकाला था।
स्कूल शिक्षा बोर्ड ने प्रदेशभर में नियमित विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षा संचालन के लिए 1980 परीक्षा केंद्र बनाए थे। वहीं एसओएस की 223 केंद्रों में परीक्षा हुई।
इन परीक्षा केंद्रों में 10वीं के 111977 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी, जबकि 12वीं में 95497 परीक्षार्थी वार्षिक परीक्षा में बैठे। इसके अलावा एसओएस की 8वीं में 321, 10वीं में 10414 और 12वीं में 17419 परीक्षार्थी बैठे।