मुख्य निर्वाचन अधिकारी देवेश कुमार
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सवाल - 19 मई के मतदान को लेकर आयोग कितना तैयार है?
जवाब - 19 मई को होने वाले मतदान को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है। कुल 7723 मतदान केंद्र तथा सात सहायक मतदान केंद्रों के लिए पोलिंग पार्टियां ईवीएम, वीवीपैट और अन्य सामान के साथ रवाना हो गई हैं, जो शनिवार को मतदान से संबंधित पूरा सेटअप कर लेंगी। संवेदनशीलता के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था का खाका तैयार किया गया है और केंद्रीय बलों की 41 कंपनियां, दस हजार प्रदेश पुलिस के जवान, 9 हजार होमगार्ड भी तैनात हो गए हैं।
पिछले चुनाव में 68.4 फीसदी मतदान हुआ था, इस बार क्या लक्ष्य है?
शत-प्रतिशत मतदान का लक्ष्य रखा है। हर मतदाता को वोट डालना चाहिए। इसके लिए हर स्तर पर प्रचार प्रसार कर मतदाता को जागरूक किया है। मुश्किल मौसम के बावजूद हर पोलिंग बूथ को कनेक्ट करने के लिए सभी सड़कों को खुला रखने का प्रयास किया गया है। प्रयास है कि हर मतदाता मतदान करने से न चूके।
सवाल : इस बार आयोग के कामकाज को लेकर काफी सवाल उठे हैं?
जवाब : हर चुनाव को पहले से निर्धारित नियमों के अनुसार ही कराया जाता है। रैली रोड शो की मंजूरी से लेकर शिकायतों पर कार्रवाई भी नियमानुसार की जाती है। इस बात का खास ध्यान रखा जाता है कि आयोग का हर निर्णय निष्पक्ष और निर्भीक तरीके से लिया गया हो। ऐसे में आरोप सही नहीं है।
सवाल : ईवीएम की सुरक्षा को लेकर क्या प्रबंध किए गए हैं।
जवाब : ईवीएम और वीवीपैट की हर मूवमेंट चुनाव आयोग की मंजूरी और पुलिस व प्रशासन की निगरानी में ही होती है। मंडी के लिए गुजरात से मंगाई गई अतिरिक्त ईवीएम व वीवीपैट को लाने के लिए भले ही हिमाचल से टीम गई, लेकिन उसे हिमाचल पहुंचने के दौरान रास्ते में पड़ने वाले हर जिला निर्वाचन अधिकारी तथा जिला पुलिस अधीक्षक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी रही।
सवाल : सोशल मीडिया इस बार के चुनाव में बड़ी चुनौती रहा?
जवाब : सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार रोकने के लिए प्रदेश में अलग से एक आईटी सेल बनाया गया था। इस संबंध में मिली शिकायतों पर भी कार्रवाई की गई है। मतदान के दिन भी सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए टीम तैनात रहेगी, जो हर गतिविधि पर नजर रखेगी।
सवाल : सर्विस वोटरों के मत के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
जवाब : सर्विस वोटरों को पहले ही ई-मेल से बैलेट पेपर भेज दिए गए हैं। उनके मत मतदान के दिन तक पहुंचने अनिवार्य होते हैं। मतों को प्राथमिकता पर पहुंचाने के लिए पोस्टल विभाग को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इस पर होने वाला खर्च भी आयोग वहन करेगा।
सवाल : इस बार के मतदान के लिए क्या नए प्रयास किए?
जवाब : मतदान के लिए कई नए प्रयास किए गए हैं। प्रदेश में दस मतदान केंद्र सिर्फ दिव्यांग मतदान कर्मियों की ओर से संचालित किए जाएंगे। हर बूथ स्तर पर दिव्यांग मतदाताओं की मैपिंग की गई है। महिला मतदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश के 136 मतदान केंद्रों पर सिर्फ महिला कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। महिलाओं के साथ आने वाले बच्चों के लिए क्रंच भी बनाए जाएंगे। इसके अलावा 186 मॉडल पोलिंग स्टेशन भी बनाए गए हैं।
सवाल : मतदान के दिन समस्या होने पर कहां संपर्क करें?
जवाब : मतदान के दिन किसी भी तरह की समस्या होने पर 1950 मिला सकते हैं। जिला या प्रदेश निर्वाचन कार्यालय के अधिकारियों से सीधा संपर्क भी किया जा सकता है। किसी अनियमितता के दिखने पर सी विजिल एप के माध्यम से शिकायत की जा सकती है।
सवाल: मतदाताओं के लिए क्या खास सुविधा है?
जवाब : हर मतदाता के घर तक बीएलओ के माध्यम से फोटोयुक्त मतदाता पर्ची पहुंचाई जा रही है। मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदान के समय पहचान पत्र के तौर पर वोटर कार्ड के अलावा पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, राज्य या केंद्र सरकार के उपक्रम या कंपनी के पहचान पत्र, बैंक डाकघर से जारी फोटोयुक्त पासबुक, पैन कार्ड, मनरेगा जॉबकार्ड, श्रम मंत्रालय की ओर से जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज व आधार कार्ड को भी मान्यता दी गई है।
सवाल : 19 मई के लिए मतदाताओं से क्या अपील है?
जवाब : मतदान करना हर मतदाता का अधिकार है। प्रदेश के हर मतदाता से यही अपील है कि वह अपने मताधिकार का प्रयोग करे और देश के इस महापर्व में खुद को शामिल कर लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम योगदान दे।