15 अक्तूबर 2017- विधानसभा चुनावों से वीरभद्र सिंह की आया राम गया राम की टिप्पणी के बाद सुखराम परिवार पहली बार भाजपा में शामिल हुआ। मंडी विस से भाजपा को रिकार्ड 10-0 से जीत मिली और मंडी से पहली बार जयराम ठाकुर के रूप में मुख्यमंत्री मिला।
25 मार्च 2019- सुखराम परिवार की कांग्रेस में घर वापसी हुई। आश्रय शर्मा ने दिल्ली में राहुल गांधी के समक्ष अपने दादा पंडित सुखराम के सामने कांग्रेस ज्वाइन की। इसी दिन अनिल शर्मा ने खुद को धर्मसकंट में बताते हुए बेटे के खिलाफ प्रचार करने से मना कर दिया। वहीं बेटे का प्रचार करने से भी इंकार किया।
29 मार्च 2019- कांग्रेस आलाकमान ने आश्रय को टिकट देकर हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर के गृह संसदीय क्षेत्र मंडी से दाव खेला।
02 अप्रैल 2019- कांग्रेस का टिकट लेकर आश्रय शर्मा अपने दादा सुखराम के साथ मंडी पहुंचे और शक्ति प्रदर्शन किया। इस प्रोग्राम समेत अन्य सभी दौरों से अनिल शर्मा ने दूरी बनाए रखी।
12 अप्रैल 2019- खुद को धर्मसंकट में बताकर अनिल शर्मा ने भाजपा और सीएम पर शब्दों की सर्जिकल स्ट्राइक जारी रखी। बाद में पुत्र मोह को चुनते हुए उन्होंने मंत्रीपद से इस्तीफा दे दिया।