हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने मूल्यांकन कार्य को देखते हुए छुट्टियों का शेडयूल बदलने के लिए शिक्षा विभाग को पत्र भी लिखा था, लेकिन इस पर राहत नहीं मिली है।
अगर पेपर मूल्यांकन के कार्य में देरी होती है तो इससे विवि के लिए विद्यार्थियों को पीजी कोर्स की जुलाई में होने वाली काउंसलिंग के लिए बिना यूजी डिग्री के परिणाम के शामिल करना मुश्किल हो जाएगा।
ऐसे में विवि के पास फिर कैंपस और प्रोफेशनल संस्थानों के कोर्स की काउंसलिंग में शामिल होने वाले छात्रों का गोपनीय परीक्षा परिणाम संबंधित विभागों और संस्थानों को भिजवाने का ही विकल्प रहेगा।
एचपीयू से संबद्ध कॉलेजों में यूजी डिग्री कोर्स कर रहे 30 से 35 हजार छात्रों ने अंतिम छठे सेमेस्टर की परीक्षा दी है। इनमें ही एचपीयू के और बाहरी विश्वविद्यालयों में पीजी कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन किया है।
विवि को यूजी के छठे सेमेस्टर की परीक्षा देकर डिग्री पूरी करने वाले हजारों छात्र-छात्राओं का परिणाम प्राथमिकता के आधार पर जून अंत तक घोषित करने की चुनौती रहेगी।