राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मारवाहा ने कहा कि हिमाचल के पास मलेरिया की दवा की कमी नहीं है। सरकार ने इसका स्टॉक किया है। उद्योगों के पास भी यह दवा बनी हुई है। ऑर्डर की कमी है। प्रदेश के उद्योग इतने सक्षम हैं कि जितना भी ऑर्डर मिलेगा, उसे पूरा किया जाएगा।
दवा नियंत्रक प्राधिकरण को फार्मा उद्योगों के लिए कच्चे माल की आपूर्ति की परेशानी भी आ रही है। कच्चे माल की कमी से दवा उद्योग उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं। उद्योग पहले भी करीब 20 से 30 फीसदी ही उत्पादन कर रहे थे, लेकिन अब कच्चे माल की कमी खल रही है।