हिमाचल सचिवालय में कर्मचारियों को भले ही बुलाया लिया है लेकिन कर्मचारियों के लिए परिवहन व्यवस्था नहीं हो सकी है। सचिवालय में तैनात अफसरशाही के लिए सरकारी वाहनों की व्यवस्था है और अन्य कर्मचारियों को कई- कई किलोमीटर पैदल रास्ता तय करना पड़ रहा है।
सचिवालय के छोटे कमरों में सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर रखने में मुलाजिमों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश सचिवालय में करीब दो हजार कर्मचारी हैं। सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार अधिकारियों और कर्मचारियों को दफ्तर बुलाया जा रहा है। सचिवालय के कई कर्मचारी सरकारी आवासों में रहते हैं लेकिन कई शिमला के आसपास के क्षेत्रों से रोज आते हैं।
सचिवालय के अधिकांश कर्मचारी सरकारी बसो में सफर करके अपने कार्यालयों में पहुंचते रहे हैं। इन दिनों सरकारी बसें बंद होने से कर्मचारियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सचिवालय में अनुबंध में लगे सैकड़ों कर्मचारियों के पास अपने निजी वाहन तक नहीं और उनको परेशानी ज्यादा हो रही है।
प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी सेवाएं संघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि सचिवालय कर्मचारियों के लिए सरकार लाने और ले जाने की व्यवस्था करे। इसके अलावा दफ्तरों में कर्मचारियों के बैठने में व्यवस्था में सुधार की जरूरत है ताकि सही मायने में सामाजिक दूरी बनाकर रखी जा सके।