कुल्लू में मोबाइल ठीक करवाने पहुंचे लोग
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कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन पार्ट-टू में आर्थिक और कारोबारी मोर्चे के साथ ही जनता-जनार्दन से जुड़ीं कई गतिविधियों का संचालन आज से शुरू हो रहा है। हिमाचल में आज से उद्योग काम करना शुरू करेंगे। वहीं, मनरेगा कार्यों को लेकर गाइडलाइन भी जारी की गई है, जिसका मनरेगा मजदूरों को पालन करना होगा। बाकायदा पूरे कामकाज की निगरानी की जाएगी। गाइडलाइन के अनुसार 10 लोगों को ही काम करने की अनुमति होगी। एक परिवार से एक ही व्यक्ति को रोजगार मिलेगा। मनरेगा कार्यस्थल पर पानी और साबुन की व्यवस्था करनी होगी। काम के दौरान मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। सामाजिक दूरी का पालन भी करना होगा।
सरकार ने मनरेगा के तहत होने वाले सामूहिक कार्यों को मंजूरी नहीं दी है। कोरोना वायरस के चलते मनरेगा में एकल काम ही होंगे। जल संरक्षण के तहत पानी के टैंकों का निर्माण, भूमि सुधार, पौधरोपण तथा सिंचाई से संबंधित कार्य ही किए जा सकेंगे। मनरेगा के कार्य के दौरान मास्क का प्रयोग करना जरूरी है। इसके लिए कामगार किसी भी तरह के मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। कपड़े के बने मास्क भी प्रयोग किया जा सकता है। कुल्लू जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी सुरजीत ठाकुर ने कहा कि सरकार की गाइडलाइन का पालन कर ही मनरेगा कार्य होंगे। राज्य के विभिन्न जिलों में भी सशर्त कई काम शुरू होंगे।
खेती, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, उद्योगों को आज से सशर्त राहत
मंडी में काम करता मजदूर
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आज से बिलासपुर जिले में खेती, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और उद्योगों को पटरी पर लाने के लिए कुछ सेक्टर में सशर्त कार्य शुरू करने की राहत दी गई है। इसके लिए उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने गृह मंत्रालय एवं प्रदेश सरकार की गाइडलाइन को आधार मानते हुए कार्यों में छूट की अनुमति प्रदान की है। हालांकि, दुकानों के लिए खोलने के लिए जिले में समय नौ से 12 तक ही निर्धारित किया गया है। इसके अलावा मोबाइल रिपेयर के लिए सप्ताह में दो दिन ही दुकानों को खोलने का निर्देश दिया है। लेकिन इसके लिए लोगों को प्रशासन की स्वीकृति लेना अनिवार्य है।
उपायुक्त ने बताया कि जिला बिलासपुर में जारी कर्फ्यू के बीच सशर्त कुछ रियायतें दी गई हैं। बताया कि राशन, दूध, ब्रेड, मीट, फल, सब्जी, मछली, कीटनाशक, पशु चारा की दुकानें पहले की तरह सुबह 9 बजे से 12 बजे तक तीन घंटे के लिए खुली रहेगी। दुकानदारों को यह भी निर्देश दिए गए है कि उन्हें दुकान के बाहर डेढ से दो मीटर के भीतर सर्कल बनाने होंगे। उन्होंने बताया कि यदि कोई दुकानदार इन आदेशों की अवेहलना करता है तो कर्फ्यू की शेष अवधि के लिए दुकान को सील किया जा सकता है।
इसके अलावा प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन मोबाइल रिपेयर, मोटर मैकेनिक तथा कारपेंटर का काम करने वाले मंगलवार और शुक्रवार को 9 से 12 बजे तक अपनी सेवाएं दे सकेंगे। उन्होंने बताया कि संबंधित एसडीएम इनको चिन्हित करके सामाजिक दूरी का पालन करते हुए अनुमति प्रदान करेंगे। वहीं, अस्पताल, आयुष, वेटेरनरी , नर्सिंग होम, डिसपेंसरी, क्लीनिक सभी पूर्व की भांति कार्य करते रहेंगे। जबकि कृषि, बागवानी की गतिविधियां और एपीएमसी की मंडियां है जो अनाज, फसलों, सब्जियों की खरीदारी, कृषि मशीनरी, मशीनरी के स्पेयर पार्टस और रिपेयर शॉप की दुकानों को भी कर्फ्यू की समयावधि में छूट प्रदान की गई है।
इसके अतिरिक्त मछलीपालन और पशुपालन की गतिविधियों को भी छूट दी गई है। टायर, ट्रक रिपेयर और उच्च मार्गों पर ढाबे संबंधित एसडीएम चिन्हित कर छूट प्रदान करेंगे। जिसके लिए वह अधिकृत किए गए हैं। जबकि शराब के ठेके, गुटखा, सिगरेट व पान मसाला की दुकानें बंद रहेंगी। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि लोग उचित सामाजिक दूरी का पालन करें और आरोग्य सेतु ऐप को डाउनलोड करें। सड़क, सिंचाई, भवन निर्माण, पॉवर ट्रांसमिशन लाईन, वॉटर सप्लाई, टेलीकॉम ऑपटिकल फाइवर आदि की गतिविधियां हो सकेंगी जिसके लिए स्थानीय लेबर से ही कार्य लिया जाएगा। उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने बताया कि पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी पहले की तरह खुले रहेंगे। इसके अलावा आवश्यक वस्तुओं, दवाइयां और फार्मास्यूटिकल की सप्लाई के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों को अनुमति रहेगी।
प्रशासन की अनुमति से उद्योग सेक्टर में शुरू होंगे कार्य
उपायुक्त राजेश्वर गोयल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग सेक्टर जिला दंडाधिकारी की अनुमति से खोला जाएगा। उन्होंने बताया कि सामाजिक दूरी व साफ सफाई के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए निर्माण क्षेत्र के मजदूरों से काम लिया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि खनन के कार्यों के लिए भी खनन अधिकारी के पास अंडरटेकिंग देनी होगी और उसके बाद उन्हें कार्य आरंभ करने की अनुमति प्रदान की जाएगी।
पल्यूर और साहो पंचायतों को छोड़ 11 पंचायतों को मिली छूट
वहीं, चंबा जिले में सील की गई पल्यूर और साहो पंचायतों को छोड़कर जिले की अन्य 11 पंचायतों को छूट दे दी गई है। इन पंचायतों में अब सामान्य क्षेत्रों की तरह कर्फ्यू में ढील के दौरान दुकानें खुली रहेंगी। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि मोबाइल रिपेयर और रिचार्ज की दुकानें सोमवार और गुरुवार को खुली रहेंगी। जिन पंचायतों को छूट दी गई है, उसमें बरौर, जड़ेरा, कैला, पलुई, परौथा, रजिंडू, सिल्लाघ्राट, कीड़ी, सराहन, गुवाड़ और अठलुंई शामिल है। क्षेत्र में अधिक समय से किसी प्रकार के संक्रमण संबंधी मामला न आने पर प्रशासन ने ये कदम उठाया है, जिन पंचायतों को प्रशासन ने रियायत दी है, वहां के लोग कर्फ्यू में ढील के दौरान साहो-पल्यूर मार्ग से आवाजाही कर सकते हैं। बशर्ते वे सील दोनों पंचायतों में न रुके।
डीसी चंबा विवेक भाटिया ने ये जानकारी प्रदान की। उपायुक्त ने बताया कि 21 अप्रैल से लोनिवि के 15 कार्यों के लिए अनुमति प्रदान की जाएगी। विभाग की ये जिम्मेदारी रहेगी कि वे सामाजिक दूरी का अनुसरण करते हुए काम करवाएं। इसके साथ ही परियोजनाओं को भी अनुमति प्रदान की जाएगी। परियोजनाओं प्रबंधन का ये दायित्व होगा कि वे कार्य करवाने के लिए बाहर से कोई मजदूर न रखें।
लगेगा जुर्माना
उपायुक्त ने बताया कि प्रशासन ने कानून विशेषज्ञों से विचार-विर्मश कर निर्णय लिया। इसके तहत आगामी 10 दिनों तक लोगों को मास्क पहनने, पांच से अधिक लोगों के एकत्रित न होने और सार्वजनिक स्थान पर न थूकने के बारे में जागरूक किया जाएगा। इसके बाद इन नियमों का उल्लंघन करने वालों को एक हजार रुपये से लेकर पांच हजार रुपये जुर्माना जड़ा जाएगा। लोगों के हितों और स्वास्थ्य को मद्देनजर रखते हुए ही प्रशासन ये सख्त कदम उठाएगा।
लोगों को काउंसलर देंगे परामर्श
प्रशासन ने अपने स्तर पर लोगों से बात कर उनके विचारों से निष्कर्ष निकाला है कि लोगों में स्वास्थ्य को लेकर भय है कि वे बीमार हो सकते हैं। इसके लिए प्रशासन ने ‘रिलेक्स चंबियाल’ नाम से गाइडलाइन जारी की है। इसमें लोगों के सहयोग से विभिन्न वालंटियर काउंसलर रोजना सुबह 9 बजे से लेकर शाम छह बजे तक लोगों को शारीरिक, मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श देंगे। इसके लिए सोशल मीडिया के जरिये काउंसलरों के मोबाइल नंबर जारी किए जाएंगे। लोग अपनी पहचान बताए बिना भी परामर्श हासिल कर सकेंगे।
ढाबे खोलने के लिए एसडीएम देंगे अनुमति
क्षेत्र में ढाबों को खोलने संबंधी अनुमति संबंधित एसडीएम देंगे। ढाबों में खाना बनाकर मात्र देने तक की व्यवस्था होगी। इसके अलावा वहां पर खाने वाला कोई पाया जाता है, तो ढाबें बंद करवा दिए जाएंगे। जिले की सीमा तुन्नूहट्टी के पास ही व्यवस्था की जाएगी कि बाहर से आने वाली सब्जियों सहित अन्य खाद्य सामग्री की गाड़ियों की ट्रांसमिट करके ही जिला मुख्यालय में दाखिल होने दिया जाएगा।
जिला हमीरपुर के कंटेनमेंट और बफर जोन में मंगलवार को भी कर्फ्यू में कोई ढील नहीं होगी। कंटेनमेंट एवं बफर क्षेत्र में किसी भी प्रकार की आवाजाही नहीं होगी और इन क्षेत्रों से किसी के भी बाहर या भीतर आने-जाने पर प्रतिबंध रहेगा। केवल आपात सेवाओं में लगे लोगों तथा जिला दंडाधिकारी की ओर से जारी मान्य पास धारकों को ही इसमें छूट रहेगी। कोई दुकानें या बैंक इत्यादि के संचालन की अनुमति भी नहीं होगी। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए आवश्यक वस्तुओं जैसे दूध किराना, फल-सब्जियां, दवाई, रसोई गैस की आपूर्ति अधिकृत विक्रेताओं के सहयोग से होम डिलीवरी व्यवस्था के माध्यम से की जाएगी।
जबकि जिला के अन्य क्षेत्रों में पूर्व की तरह प्रात: 7.00 बजे से प्रात: 10.00 बजे तक कर्फ्यू अवधि में आवश्यक वस्तुओं की खरीद इत्यादि के लिए छूट रहेगी। उपायुक्त हरिकेश मीणा ने कहा कि कंटेनमैंट व बफर जोन में विशेष एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान के अंतर्गत अभी तक लगभग 30 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए 40 चिकित्सकों को नोडल ऑफिसर बनाया गया है और स्वास्थ्य विभाग की 136 टीमें फील्ड में उतारी गई हैं जो घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग कर रही हैं। इन टीमों के पर्यवेक्षण के लिए 49 पर्यवेक्षक भी तैनात किए गए हैं। अभी तक कुल 385 नमूने लिए चुके हैं
चिकन, मीट की दुकानें खुलेंगी, पलंबर और मिस्त्री की सेवाएं मिलेंगी
जिला कांगड़ा के बाशिंदों को मंगलवार से कुछ राहत मिलेगी। मनरेगा के काम शुरू होने से हजारों लोगों को राहत मिलेगी। वहीं अधूरे घर का निर्माण भी लोग पूरा करवा सकेंगे। चिकन, मीट, मछली, अंडे और पशु आहार की दुकानें सुबह 8 से 11 बजे तक ही खुलेंगी। इसके अलावा लोगों को सुबह 8 से 11 बजे तक इलैक्ट्रीशियन, प्लंबर, मिस्त्री और कारपेंटर की सेवाएं भी घर पर ही मिलेंगी। इसके अलावा गंभीर स्थिति में मरीज को जिले के किसी भी अस्पताल में ले जाने के लिए कर्फ्यू पास की जरूरत नहीं होगी।
प्रशासन ने बाइक, स्कूटी, कार, ट्रक, ट्रैक्टर की मरम्मत के लिए भी वर्कशॉप रोजाना सुबह 8 से 2 बजे तक खुली रखने को हरी झंडी दी है। ऐसे दुकानदारों को पास की जरूरत नहीं होगी। सुबह 8 से 2 बजे तक रोजाना वेल्डिंग और कृषि उपकरणों की मरम्मत की दुकानें भी खोली जाएंगी। लोग अब ऑनलाइन कंपनियों से जरूरत का सामान भी खरीद पाएंगे। लेकिन, फूड आइटम, बेबी प्रोडक्ट, मेडिकल उपकरणों की डिलीवरी ही ले पाएंगे। कुरियर सेवाओं तथा इंश्योरेंस सेवाओं के लिए इनके दफ्तर भी खोले जाएंगे। ई-कामर्स ऑपरेटर द्वारा डिलवरी के लिए वाहन की अनुमति लेना जरूरी होगा। मनरेगा के तहत सिंचाई और जल संरक्षण के कार्य ही शुरू होंगे।
सभी उद्योगों में शुरू होगा काम
जिला प्रशासन ने अब पूरे जिले में फैक्टरियों को काम करने की इजाजत दे दी है। हालांकि, जिला में पहले से ही जरूरी वस्तुओं के कुछ उद्योग चल रहे थे। लेकिन, अब सभी उद्योगों में उत्पादन शुरू होगा। उद्योगों में मजदूर और कर्मचारी दूसरे जिलों या राज्यों से नहीं लाए जा सकेंगे। स्थानीय मजदूरों से उद्योगों को काम चलाना होगा।
जिला में शुरू होंगे सरकारी निर्माण कार्य
प्रशासन ने सरकारी निर्माण कार्यों को शुरू करने का फैसला लिया है। सड़क, पेयजल, विद्युत सहित विभिन्न विभागों तथा निजी स्तर पर निर्माण कार्य कुछ शर्तों के साथ आरंभ करने के लिए छूट प्रदान करने के आदेश दिए गए हैं।
फसल कटाई 24 घंटे होगी
उपायुक्त राकेश प्रजापति ने कहा कि फसलों की कटाई की समय सीमा में किसानों को छूट प्रदान की गई है। अब किसान 24 घंटे फसलों की कटाई कर सकेंगे। सभी विकास खंडों के लिए फसल कटाई का कार्य आरंभ करने की तिथियां भी निर्धारित कर दी गई हैं।
ईंट भट्ठे खुलेंगे पर मजदूर बाहर से लाने की इजाजत नहीं
ईंट के भट्ठे भी खोलने के आदेश जारी कर दिए गए। ईंट-भट्ठों की साइट पर उपस्थित मजदूर ही कार्य करेंगे। बाहरी क्षेत्रों से लेबर लाने पर पूर्ण पाबंदी है। मत्स्य पालन से जुड़े उद्योगों जैसे आहार, प्रसंस्करण, पैकेजिंग को भी छूट प्रदान की गई है। समेकित बाल विकास कार्यक्रम के तहत बच्चों, धात्री तथा गर्भवती महिलाओं के लिए पौषाहार की होम डिलवरी 15 दिन में एक बार करने के लिए भी अनुमति प्रदान की गई हैै।
लोग करवा सकेंगे घरों के अधूरे काम
डीसी ने बताया कि लोग अपने घरों के अधूरे निर्माण कार्य भी कर सकेंगे। लेकिन, निर्माण कार्यों के लिए लोगों को मजदूर आसपास के ही लेने होंगे। निर्माण कार्यों के लिए लोगों को संबंधित निकाय के अधिकारियों को जानकारी देनी होगी। निर्माण सामग्री लोग हार्डवेयर की दुकान से ले सकेंगे।
ग्राहकों की जरूरत पर ही हार्डवेयर की दुकानें खुलेंगी
निर्माण सामग्री बेचने वाली हार्डवेयर की दुकानें खोलने के लिए विशेष समय नहीं दिया गया है।ये दुकानें तभी खुलेंगी जब ग्राहक को अपने घर के लिए या सरकारी विभागों को अपने निर्माण कार्य के लिए सामग्री की जरूरत होगी। ग्राहक को सामान देते ही हार्डवेयर की दुकान को बंद करना होगा।
सामाजिक दूरी और मास्क लगाना अनिवार्य होगा
जिला मंडी में कर्फ्यू के बीच कुछ रियायतें दी गई हैं। अब हर पंचायत में मनरेगा कार्य शुरू हो सकेंगे। इसमें सामाजिक दूरी और मास्क लगाना अनिवार्य होगा। सड़क, बिजली और पानी से जुड़े कार्य भी स्थानीय लेबर की उपलब्धता पर शुरू किए जा सकेंगे। ये रियायतें ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों की सहूलियत और विकास कार्यों को मद्देनजर दी गई हैं। रियायतें सशर्त होंगी और कोरोना संक्रमण का कोई भी मामला आने पर तुरंत वापस ले ली जाएंगी। डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि जिले में कर्फ्यू तीन मई तक यथावत जारी रहेगा। कर्फ्यू में छूट का समय भी पहले की तरह सुबह 10 से दोपहर 1 बजे ही होगा। निजी तथा सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा।
जरूरी सामान की आपूर्ति वाले वाहनों पर पाबंदी नहीं
जरूरी सामान की आपूर्ति वाले वाहनों पर कोई पाबंदी नहीं होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में खासकर मनरेगा के काम के लिए छूट दी गई है। कर्फ्यू अवधि में जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े कुछ कार्यों के लिए छूट दी गई है।
औद्योगिक इकाइयों की रियायतें
ग्रामीण एवं औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयां, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और ईंट के भट्ठे शुरू होंगे। दवाइयां, चिकित्सा उपकरण और उनका कच्चा माल एवं सभी औद्योगिक इकाइयां जिन्हें लगातार प्रोसेसिंग की जरूरत होती है, खनन एवं खनिज कार्य, उनका परिवहन और पैकेजिंग सामग्री उद्योग से जुड़े काम भी हो सकेंगे। इसके लिए जिला दंडाधिकारी से अनुमति लेनी होगी।
निर्माण कार्यों में बिना ट्रेवल हिस्ट्री के मजदूर
ग्रामीण व शहरी निकाय क्षेत्रों में सड़क व इमारतों के निर्माण कार्य, सिंचाई परियोजनाएं, जलापूर्ति योजनाएं, बिजली की तारों व खंबे लगाने, दूर संचार की ऑपटिकल फाइबर व केबल बिछाने के काम स्थानीय श्रमिकों, जिनकी हाल ही की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं हो की उपलब्धता पर और केवल जिला दंडाधिकारी से अनुमति के साथ किए जा सकेंगे। छूट के दायरे में आने वालों के लिए यह जरूरी सभी जरूरी सेवाओं में लगे लोगों को वाहन से आवाजाही के लिए अपना सरकारी पहचान पत्र दिखाना होगा।
छूट वाली श्रेणियों में काम पर आने जाने के लिए सरकारी या सरकार द्वारा प्राधिकृत एक वाहन में ड्राइवर समेत चार से अधिक लोगों के सफर पर मनाही होगी। जरूरी सेवाओं में लगे लोगों को भी निजी वाहन के लिए पास की जरूरत होगी। निजी वाहनों में चौपहिया वाहन में ड्राइवर के अलावा पीछे की सीट पर केवल एक व्यक्ति की अनुमति होगी। वहीं, बाइक-स्कूटी पर केवल चालक को ही अनुमति होगी।
अन्य रियायतें
- इलेक्ट्रिशियन, मोबाइल रिपेयर, पल्मबर, मोटर मैकेनिक, कारपेंटर के जुड़ी गतिविधयां। मोबाइल रिपेयर की दुकानें हफ्तें में दो दिन मंगलवार और शुक्रवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक खोली जा सकेंगी। इन सभी गतिविधयों के लिए संबंधित एसडीएम से अनुमति लेनी होगी।
- सभी अस्पताल, जिनमें आयुष व पशु चिकित्सालय भी शामिल हैं, नर्सिंग होम, क्लिनिक, मेडिकल प्रयोगशालाएं व एकत्रण केंद्र, फार्मास्यूटिकल, मेडिकल ऑक्सीजन एवं हाइजीन सामग्री निर्माण से जुड़ी ईकाइयां व उनके परिवहन से जुड़ी गतिविधियां एवं लोगों को जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अस्पताल जाने की अनुमति होगी।
- कृषि व बागवानी से जुडी सभी गतिविधियां, खाद व कीट नाशक, बागवानी पौधे, कृषि उपज मार्केटिंग कंपनी द्वारा संचालित मंडियां व कृषि उपज की खरीद में लगी एजेंसियां। कृषि व बागवान मनीशनरी व इनके पुर्जों की दुकानें संबंधित एसडीएम की अनुमति के अनुरूप सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक ही खुलेंगी। मत्स्य पालन और पशुपालन से जुड़े सभी प्रकार की गतिविधयां साथ ही पशु चारे की दुकानें ।
- बैंक, एटीएम, बीमा कंपनियां, बैंक मित्र सेवाएं, गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी की सेवाएं और सहकारी सभा समितियों के कार्य पैट्रौल पंप, गैस एजेंसियां और उनके गोदाम व उनका परिवहन जारी रहेगा
- जरूरी सामान की आपूर्ति वाले वाहन, जिनमें वैध ड्राइविंग लाइसेंस के साथ एक ड्राइवर व उसके साथ हैल्पर को चलने की अनुमति होगी। नेशनल हाइवे पर ट्रक रिपेयर, टायर पंक्चर और ढाबे संबंधित एसडीएम की अनुमति से खोले जा सकेंगे।
- कोविड-19 को लेकर जरूरी सेवाओं से जुड़े सरकारी व अर्ध सरकारी कर्मचारी जिनमें स्वास्थ्य, आयुष, पुलिस, होम गार्ड, अग्निशमन, बिजली, पानी व नगर पालिका सेवाएं, कोषागर, सामाजिक न्याय व अधिकारिता, सेना, पैरा मिलिट्री व अन्य सुरक्षा बल, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण व दंडाधिकारी कार्यालय के कर्मचारी, सिविल डिफेंस, एनसीसी, टेलीकॉम व इंटरनेट सेवाएं शामिल हैं।
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- इसके साथ ही वन विभाग के कर्मी जो जू, नर्सरी व वन्य जीवन की सुरक्षा में लगे हैं। वनों को आग से बचाने व पौधों को पानी देने व पैट्रोलिंग सेवाओं के कर्मी भी छूट की श्रेणी में शामिल हैं। वे सभी कर्मी व व्यक्ति जो संबंधित एसडीएम की अनुमति से कोविड 19 की रोकथाम के काम में जुटे हैं।
पांच हजार को मिलेगा रोजगार
सिरमौर जिले में लॉकडाउन 2.0 में जिला प्रशासन ने बड़ी रियायतें दी है। यह रियायतें सशर्त दी गई हैं। यदि जिला प्रशासन की ओर से तय मापदंडों के अनुसार कार्य नहीं हुआ और नियमों की अनदेखी की तो कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। 20 अप्रैल के बाद मिलने वाली छूट को लेकर उपायुक्त डॉ. आरके परूथी ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि सामाजिक दूरी, सैनिटाइजेशन और सफाई की विशेष व्यवस्था की शर्तों के साथ कुछ कार्यों की छूट दी जा रही है। हॉटस्पॉट घोषित पंचायतों और एनएच से सटे कुछ इलाकों में फिलहाल यह छूट लागू नहीं होगी। उपायुक्त ने बताया कि सिरमौर में कुल 450 उद्योग संचालित हो रहे हैं। इनमें से करीब 175 उद्योग पहले से चल रहे हैं। 200 और उद्योगों को चलाने की अनुमति मांगी गई है।
जिन्हें प्रशासन ने अनुमति प्रदान कर दी है। इन उद्योगों के शुरू होने से करीब 5000 लोगों को रोजगार मिलेगा। इन उद्योगों में सामाजिक दूरी का पूरा ध्यान रखना होगा। सैनिटाइजर आदि की व्यवस्था करनी होगी। उद्योग को भी समय-समय पर सैनिटाइज करवाना पड़ेगा। कार्य के लिए आने वाले कामगार निजी वाहनों का उपयोग नहीं करेंगे। यदि आवश्यकता हुई तो इसके लिए संबंधित उद्योग प्रबंधन प्रशासन से एचआरटीसी बस के लिए आवेदन कर सकता है। शिफ्ट बदलने में भी कम से कम एक घंटे का समय अतिरिक्त रखना होगा। सभी कर्मचारियों को मेडिकल इंश्योरेंस भी करवाना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले की 178 पंचायतों में मनरेगा के कार्य शुरू किए जाएंगे। इन कार्यों के लिए सचिव को विशेष प्रबंध करने होंगे। कामगार मास्क पहनकर कार्य करेंगे। कार्य स्थल पर व्यक्तिगत दूरी का ध्यान रखा जाएगा और हाथ धोने के साबुन की व्यवस्था करनी होगी।
यदि नियमों की अनुपालना नहीं हुई तो कार्य रोककर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि कृषि और बागवानी से संबंधित सभी कार्य जारी रहेंगे। आंगनबाड़ी केंद्र राशन देने के लिए खुलेंगे। इसमें लाभार्थियों को आने की अनुमति नहीं होगी। खनन के मामले भी केस टू केस मंजूर किए जाएंगे। खनन अधिकारी के माध्यम से इसका मामला प्रशासन के पास मंजूरी के लिए प्रस्तावित किया जाएगा। डॉ. यशवंत सिंह परमार मेडिकल कॉलेज नाहन के भवन का निर्माण कार्य आरंभ होगा। इसके अलावा पशु अस्पताल, बैंक, बीमा सेवाएं भी खुली रहेंगी। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए एक ट्रक में दो चालक और एक सहायक को ही अनुमति होगी। जिन ईं-भट्ठों में इन हाउस की सुविधा होगी, उन्हें भी मंजूरी दी जाएगी। ई-कॉमर्स सेवाओं को भी केवल आवश्यक वस्तुओं के लिए ही अनुमति होगी। इस दौरान शराब और गुटका पर ही पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा। सिरमौर में हरियाणा से दूध की सप्लाई पहुंच रही है। प्रशासन इस पर गंभीर है। प्रशासन ने साफ किया है कि हरियाणा से दूध लेकर आने वाले लोगों की विशेष निगरानी की जाएगी।
खुलेंगी मोबाइल रिपेयर की दुकानें
मोबाइल रिपेयर की दुकानें सप्ताह में एक दिन गुरुवार को ही खुलेंगी। राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर ढाबों और वाहन मरम्मत की दुकानें अनुमति लेने के बाद खुली रहेंगी। जिला दंडाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वे सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान रखें। एक जगह पर पांच से अधिक लोग इकट्ठे न हों। मास्क का प्रयोग करें। गाड़ियों का कम से कम प्रयोग करें और सार्वजनिक स्थान पर न थूकें।
मंडी में किसानों को दो घंटे अतिरिक्त समय
लॉकडाउन के दूसरे चरण में मिली रियायतें बंदिशों से भरी हुई हैं। सोलन जिले में नरेगा मजदूरों को काम तो मिलेगा लेकिन इसमें 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोग शामिल नहीं हो पाएंगे। इन्हें काम पर जाने की इजाजत नहीं होगी। प्रशासन फिलहाल पूरी तरह से इस बात पर माथापच्ची में लगा है कि कौन सी रियायतें किन शर्तों के आधार पर लोगों को दी जा सकती हैं। जिला में 77, 245 मनरेगा कामगार पंजीकृत हैं जिनमें 40 फीसदी महिलाएं हैं। खंड विकास अधिकारी मनरेगा मजदूरों का खाका तैयार करेंगे। जिसके बाद इसे लागू किया जाएगा। इसके अलावा सोलन समेत शिमला व सिरमौर जिला के करीब 60 हजार किसानों के लिए दो घंटे की अतिरिक्त राहत भी मिलने वाली है।
सब्जी मंडी सोलन के सचिव रविंद्र शर्मा ने बताया कि किसान सुबह पांच बजे से मंडी में सामान उतार पाएंगे। सब्जी मंडी में कारोबार सुबह पांच से एक तक होगा। कुरियर सर्विस 8 से 11 बजे तक चालू रहेगी। बैंक और इश्योंरेंस कार्यालय सुबह 9 से शाम 4 बजे तक खुले रहेंगे। जल शक्ति विभाग जिला सोलन के एससी केशव कुल्लवी ने बताया कि जल शक्ति के जिला भर में 45 बहुत आवश्क कार्य रुके हुए थे। उन्होंने आला अधिकारियों को भी सूचित किया था, इसमें अब उक्त कार्यों को दोबारा से शुरू किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के एससी एसपी जगोटा ने बताया कि लोनिवि के जिला भर में लॉकडाउन के दौरान करीब 40 बड़े कार्य बंद हो गए थे, वहीं अब संबंधित कार्यों के दोबारा से शुरू होने की उम्मीद है।
बीडीओ बनाएंगे मनरेगा कामगारों की सूची
डीआरडीए पीओ राजेंद्र गौतम ने बताया कि जिला के सभी बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं। वह संबंधित पंचायतों में शुरू और रुके मनरेगा कार्यों की सूची प्रदान करें। इसमें सामूहिक रूप से किए कार्यों को नहीं किया जाएगा। सिर्फ व्यक्तिगत रूप से जैसे टैंक, डंगे सहित अन्य कार्य किए जाएंगे। कार्यों का जायजा संबंधित बीडीओ समय-समय पर लेते रहेंगे। जिसमें मनरेगा मजदूरों के लिए साबुन, सैनिटाइजर, मास्क सहित सामाजिक दूरी का होना आवश्यक होगा। संबंधित पंचायतों के बीडीओ को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि मनरेगा के कार्य में काम करने वाला व्यक्ति या महिला की आयु 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।
शहर में आज से शुरू होंगे निर्माण कार्य, मजदूरों के बनाने होंगे पास
कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन में केंद्र और सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक शिमला जिला प्रशासन ने सामान्य क्षेत्रों में कुछ कार्यों में छूट दे दी है। कर्फ्यू ढील के बीच करियाना दुकानों के अलावा अब मोबाइल और आईटी सेक्टर से जुड़ी दुकानें भी खुली रहेंगी। दिहाड़ीदार मजदूरों को भी कर्फ्यू में काम करने की छूट प्रदान की है। डीसी अमित कश्यप ने बताया कि जिला शिमला में कोरोना वायरस का एक भी मामला नहीं आया है। ऐसे में केंद्र और सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक कुछ क्षेत्रों में कर्फ्यू में छूट दी जा रही है।
मोबाइल और आईटी सेक्टर से जुड़ी दुकानें मंगलवार और शुक्रवार को कर्फ्यू में ढील के दौरान सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक खुली रहेंगी। शहर के नगर निगम परिधि में अस्पताल और अन्य निर्माण कार्य को शुरू करने की भी अनुमति दी है। इससे अधूरे पड़े निर्माण कार्य शुरू किए जा सकेंगे। नगर निगम के रुके पड़े प्रोजेक्टों के निर्माण कार्यों में भी तेजी आएगी। निर्माण कार्य के लिए जिला के बाहर से लेबर की मूवमेंट नहीं हो सकेगी। डीसी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जो मजदूर पहले से ही निर्माण कार्य को कर रहे वहीं मजदूर कार्य को पूरा करेंगे।
मनरेगा कार्य शुरू, पंचायत सचिव के बनेंगे कर्फ्यू पास
डीसी अमित कश्यप ने बताया कि जिले में कर्फ्यू में मनरेगा कार्य भी शुरू होंगे। संबंधित खंड विकास अधिकारी कार्य की देखरेख करेंगे। इसके अलावा जिले के सभी बीडीओ को निर्देश दिए हैं कि पंचायत सचिवों के कर्फ्यू पास बनाएं ताकि पंचायतों में अधूरे पड़े विकास कार्य में गति आ सके।
दिहाड़ीदारों के बनेंगे कर्फ्यू पास
डीसी ने बताया कि कर्फ्यू में दिहाड़ीदारों मजदूरों को छूट दी है। इसके अलावा इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, मोटर मैकेनिक और कारपेंटर सुबह नौ से शाम पांच बजे तक काम कर सकेंगे। सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक मजदूर काम कर सकेंगे। संबंधित एसडीएम इन मजदूरों को कर्फ्यू पास जारी करेंगे।
कर्फ्यू में इन्हें भी मिलेगी छूट
मेडिकल-हेल्थ निर्माण कार्य, बीएमओ मजदूरों की मेडिकल जांच करेंगे, एक्सइएन या एसडीओ मजदूरों के कर्फ्यू पास बनाएंगे। निर्माण कार्य करने वाले मजदूरों की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य संबंधी जरूरत की वस्तुएं, दवाइयों, सैनिटाइजर, अन्य मेडिकल वस्तुएं ऑनलाइन मंगवाई जा सकती हैं, जिले में लघु और छोटे उद्यमी काम शुरू कर सकते हैं।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने 20 अप्रैल से लॉकडाउन के दौरान कुछ और रियायतें देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया है। कंवर ने ऊना में कहा कि मनरेगा मजदूरों को काम करने की छूट मिल गई है। उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग के तहत दूरी बनाए रखने और काम करते वक्त मास्क लगाने जैसी शर्तों का पालन करना जरूरी है। इससे ग्रामीण इलाकों में लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
कंवर ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग ने कोरोना जैसी महामारी के चलते लगाए गए लॉकडाउन के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि राशन तथा अन्य आवश्यक सामग्री जैसे कि सैनिटाइजर व मास्क के वितरण में विभाग के कर्मचारी बढ़-चढ़ कर कार्य कर रहे हैं। कंवर ने कहा कि अब ग्रामीण इलाकों में ईंट-भट्टे, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स आदि के साथ डेयरी संबंधी सभी गतिविधियां, पोल्ट्री फॉर्म एवं पशुपालन संबंधी कार्य शामिल होंगे। ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि सभी कर्फ्यू के नियमों का पालन करें और स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइंस का अनुसरण करें। यह सभी के हित में है।