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कोरोना वायरस के 77 फीसदी मरीजों में नहीं बीमारी के लक्षण: खाची

Tue, 21 Apr 2020 10:06 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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मुख्य सचिव अनिल खाची - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश के शिमला में होटल पीटरहॉफ में पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्य सचिव अनिल खाची ने बताया कि प्रदेश में आए सभी मामलों में से 77 फीसदी में कोरोना वायरस के लक्षण मरीज में नहीं थे। यह चिंता का विषय है। इससे सिर्फ ज्यादा से ज्यादा टेस्ट कर के बीमार मरीजों को चिह्नित किया जा सकता है। मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में कर्फ्यू को लेकर कोई सामान्य राहत नहीं दी जा रही है।

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सिर्फ पिछली रियायतों को कुछ और क्षेत्रों के लिए बढ़ाया जा रहा है। आम लोगों से अपील की है कि घरों से कम से कम निकलें। खाची ने कहा कि प्रदेश में कोरोना को लेकर सरकार ने तैयारी की है। वर्तमान में नौ हजार से ज्यादा बिस्तरों की संस्थागत क्वारंटीन की व्यवस्था है। कंफर्म केस के लिए 802 बिस्तर और 64 वेंटिलेटर की सुविधा है। टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। आईजीएमसी, टीएमसी और सीआरआई कसौली के अलावा पालमपुर में भी एक दो दिन में टेस्टिंग शुरू होने की संभावना है। बताया कि पांच हजार रैपिड टेस्टिंग किट मिल गई हैं।

हिमाचल ने केंद्र से 30 हजार और किट मांगी हैं। एक्टिव केस फाइंडिंग कैंपेन में 10 हजार से ज्यादा विभिन्न विभागों के कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। फ्लू के मरीजों की निगरानी रखते हुए रैंडम सैंपलिंग की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों व स्थानीय कामगारों को काम देने के लिए ही कुछ क्षेत्रों में छूट दी गई है। कहा कि हर निर्माण कार्य के दौरान एक अनुपालन अधिकारी होगा जो इस बात का ध्यान रखेगा कि उचित दूरी व सुरक्षा के उपाय किए गए हों। 

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किसी ने फेसबुक पर डाले मेरे नंबर, कहा - हिमाचल आने को इन पर संपर्क करें 

वहीं, सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि सब जगह से दबाव था कि जो लोग बाहर फंसे हैं, वह घर आना चाहते हैं। ऐसे लोगों की पीड़ा समझी जा सकती है। सैकड़ों फोन व्यक्तिगत तौर पर वह सुनते आए हैं।

किसी ने उनके दोनों फोन नंबर भी फेसबुक पर भी डाल दिए। उसमें यह भी लिख लिया कि किसी ने हिमाचल जाना है तो इन नंबरों पर संपर्क करें। ऐसे में पांच मिनट के लिए भी बैठना मुश्किल हो गया। आधे घंटे में फोन नहीं उठाए तो 70 से 90 मिस्ड कॉल आ रही थीं। ऐसे में सचिवालय में कंट्रोल रूम की व्यवस्था की।
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