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Shimla News: शोघी में बनेगा लोकल बस अड्डा, ग्रामीण रूटों का होगा संचालन

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शिमला शहर में बसों का प्रवेश घटने से यातायात जाम में आएगी कमी, चिह्नित भूमि एचआरटीसी के नाम होने पर मिल सकती है सौगात
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शोघी सहित सोलन की सात पंचायतों को चलेंगी बसें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सुन्नी की तर्ज पर राजधानी शिमला से सटे शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के शोघी में परिवहन निगम की बसों को आसपास के ग्रामीण रूटों पर संचालित करने के लिए स्थानीय (लोकल) बस अड्डे की सौगात जल्द मिल सकती है।
बस अड्डा बनने के बाद जिला शिमला और सोलन के ग्रामीण क्षेत्रों के ग्रामीण और शहरी डिपो की बसों का संचालन शोघी से होगा। इससे क्षेत्र के करीब दो दर्जन ग्रामीण रूटों की बसों को राजधानी में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। इससे शहर में जाम कम होने के साथ ही लोगों को जाम में फंसने से होने वाली परेशानी से भी राहत मिलेगी। बस अड्डे के लिए एक तेल कंपनी के डिपो के शिफ्ट होने और इसकी लीज समाप्त होने के बाद भूमि का निरीक्षण किया है। इसके लिए संयुक्त निरीक्षण हो चुका है।
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अब उपायुक्त कार्यालय से लीज पर दी गई ढाई बीघा भूमि को एचआरटीसी के नाम करने की मंजूरी मिलने के बाद अड्डे के निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो जाएगा। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने अपने विधानसभा क्षेत्र की जनता के लिए आयोजित सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से उठाई बस अड्डे की मांग पर शोघी में बस अड्डा बनाने और सब डिपो के लिए स्थल चयन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की बात कही थी। उन्होंने बस अड्डा और एचआरटीसी सब डिपो खोलने की घोषणा भी की थी। क्षेत्रीय प्रबंधक शिमला शहरी डिपो अंकुर वर्मा ने माना कि शोघी में स्थानीय बस अड्डा बनाने की योजना पर कार्य चल रहा है। चिह्नित जगह का संयुक्त निरीक्षण हो चुका है और भूमि स्थानांतरित होने पर ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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हजारों लोगों को मिलेगी राहत

शोघी की थड़ी पंचायत की प्रधान आशा कश्यप, पूर्व प्रधान नरेंद्र शर्मा, शोघी पंचायत प्रधान इंद्र ठाकुर, आनंदपुर पंचायत प्रधान अशोक कुमार, कोट पंचायत प्रधान ईश्वरी देवी और आसपास की अन्य पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने बस अड्डे की मांग को प्रमुखता से मंत्री के समक्ष उठाया था। आशा कश्यप और नरेंद्र शर्मा ने कहा कि शोघी से होकर शिमला और सोलन की सात पंचायतों के करीब दो दर्जन ग्रामीण रूटों पर शिमला से बसों का संचालन होता है। इन पंचायतों के सैकड़ों लोग बसों में सफर करते हैं। शिमला में जाम लगने के कारण बसें समय पर स्टेशन नहीं पहुंचतीं। जिले की जलैल, आनंदपुर, शोघी, कोट और थड़ी पंचायतों के अलावा सोलन जिले की बाशा, कोट और छावशा पंचायतों के लोग शिमला और शोघी के लिए बसों से आते-जाते हैं।
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