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Shimla News: मेयर-डिप्टी मेयर चुनाव पर लॉबिंग तेज, मंत्री के दरबार पहुंचे पार्षद

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शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह से मिलने हॉलीलाज पहुंचा कांग्रेस पार्षदों का एक खेमा, मंत्री से लंबी देर तक चली मंत्रणा पार्षद बोले नए चेहरों को मौका देने के लिए सीएम से करें बात
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में मेयर-डिप्टी मेयर चुनाव को लेकर लॉबिंग (अपने पत्र में जनमत तैयार करना) तेज हो गई है। शहरी विधायक से मिलने के बाद कांग्रेस पार्षदों का एक खेमा अब शहरी विकास मंत्री के दरबार पहुंच गया है। पार्षदों का एक दल मंगलवार सुबह ही शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य से मिलने हॉलीलाज पहुंच गया।

यहां काफी देर तक मंत्री से चुनाव पर मंत्रणा की। पार्षदों ने कहा कि उन्होंने अपना पक्ष शहरी विधायक हरीश जनारथा के सामने रख दिया है। अब राजधानी के दोनों मंत्रियों का साथ चाहिए। पार्षदों ने दावा किया कि ज्यादातर कांग्रेस पार्षद बदलाव चाहते हैं। यह बदलाव इसलिए चाहते हैं ताकि नए चेहरों को भी मौका मिल सके। उन्होंने कहा कि उनका महापौर सुरेंद्र चौहान या उपमहापौर उमा कौशल के साथ कोई मतभेद नहीं है लेकिन सभी बदलाव के पक्ष में हैं। भाजपा ने भी अपने कार्यकाल के दौरान चार पार्षदों को मौका दिया था। इसी तरह कांग्रेस को भी सभी पार्षदों की बात का मान रखना चाहिए।
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कांग्रेस पार्षदों ने मंगलवार को हॉलीलाज नहीं आने वाले पांच अन्य पार्षदों के साथ होने का दावा भी किया। इनसे फोन पर बात भी करवाई गई। पार्षदों ने मंत्री से मांग की कि उनका पक्ष मुख्यमंत्री के सामने रखा जाए। सभी पार्षदों की सहमति से ही मेयर और डिप्टी मेयर की तैनाती को लेकर फैसला लिया जाना चाहिए। मंत्री ने कहा कि वह इस बारे में मुख्यमंत्री से बात करेंगे।




अभी हैं यह समीकरण
वर्तमान मेयर और डिप्टी मेयर का ढाई साल का कार्यकाल 15 नवंबर को पूरा होने जा रहा है। इसके बाद रोस्टर के अनुसार चुनाव होने हैं। सदन में कांग्रेस के पास 34 में से 24 पार्षद हैं। ऐसे में दोनों पदों पर फिर से पार्टी का ही कब्जा रहेगा। वर्तमान महापौर सुरेंद्र चौहान और उप महापौर उमा कौशल के ही अगले ढाई साल भी पद पर बने रहने के आसार सबसे ज्यादा हैं। सूत्रों के अनुसार इनके लिए रोस्टर में संशोधन की भी तैयारी है। मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले सुरेंद्र चौहान सबसे अनुभवी पार्षद भी हैं। हालांकि, यदि संशोधन नहीं होता है तो रोस्टर के अनुसार अगले ढाई साल महापौर पद महिला या आरक्षित महिला को मिल सकता है। ऐसी स्थिति में वर्तमान उपमहापौर उमा कौशल, सुषमा कुठियाला, सिमी नंदा मेयर पद की दावेदार मानी जा रही हैं। यदि मेयर पद आरक्षित महिला के खाते में जाता है तो सिमी नंदा इसमें सबसे आगे हैं। डिप्टी मेयर पद अनारक्षित रहेगा। यदि वर्तमान मेयर को हटाया जाता है तो डिप्टी मेयर का हटना भी लगभग तय है। ऐसे में कांग्रेस पार्षद कुलदीप ठाकुर, नरेंद्र ठाकुर इन पदों की दौड़ में सबसे आगे हैं।
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