कारगिल हीरो पूर्व कर्नल सोनम वांगचुक
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महावीर चक्र विजेता और कारगिल हीरो पूर्व कर्नल सोनम वांगचुक मानते हैं कि अनुच्छेद 370 को हटाना बेहद जरूरी था। साथ ही उनका यह भी कहना है कि अनुच्छेद 370 को हटाने से पूर्व जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को मनोवैज्ञानिक रूप से तैयार करने की जरूरत थी। अचानक से आए इस निर्णय के लिए घाटी के लोग किसी भी स्तर पर तैयार नहीं थे। अब वे मौजूदा हालात को समझ नहीं पा रहे हैं।
कर्नल सोनम वांगचुक लद्दाख के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि लद्दाख में आबादी सीमित सी है और पानी के साधन भी बहुत कम हैं। पहले लद्दाख में सिर्फ, वहीं के लोग जमीन ले सकते थे, लेकिन अब अनुच्छेद 370 हटने के बाद कोई भी वहां घर या होटल बना सकता है। जितनी जनसंख्या बढ़ेगी प्राकृतिक तौर पर उपलब्ध साधनों का दोहन भी उतना ही बढ़ेगा। इससे भविष्य में प्राकृतिक संसाधनों की कमी हो सकती है।
केंद्र सरकार को इन तमाम विषयों पर पहले सोच-विचार करना चाहिए था। कर्नल वांगचुक ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद भले ही लद्दाख की बहुत पुरानी मांग केंद्र शासित प्रदेश घोषित करने की बहुत पुरानी मांग पूरी हुई है, मगर अभी भी बहुत से लोग इसके समर्थन में नहीं हैं। लिटफेस्ट में कारगिल युद्ध के 20 साल पूरे होने पर चर्चा में हिस्सा लेने पहुंचे कर्नल सोनम वांगचुक ने कहा कि केंद्र सरकार को अब जम्मू-कश्मीर के लोगों का खास ख्याल रखना होगा। उनके हितों के साथ किसी भी तरह की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।