स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन कार्यालय मंडी में फूड लाइसेंस नवीनीकरण के नाम पर हुई हेराफेरी के मामले में मंडी में तैनात रहे सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा के निलंबन के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले में कई कर्मचारियों पर विभागीय गाज गिर सकती है। यह कर्मचारी विजिलेंस जांच के दायरे में भी हैं। इनसे पूछताछ की तैयारी चल रही है। दूसरी ओर, साइबर कैफे और फूड सेफ्टी लाइसेंस के कार्यालय के बीच की कड़ी को भी तलाशा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार हेराफेरी का सारा नेटवर्क केवल अधिकारी के स्तर पर नहीं हो सकता। इसमें कई कर्मचारी और बाहरी लोग भी शामिल हो सकते हैं। शनिवार को मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। इस प्रकरण से जुड़े कारोबारियों समेत कुछ अन्य लोगों को पूछताछ के लिए तलब करने की प्रक्रिया चलती रही। बताया जा रहा है कि सस्पेंड अधिकारी करीब एक माह पहले ही मंडी से हमीरपुर के लिए स्थानांतरित हुआ है।
जिला मंडी में फूड लाइसेंस के रिन्यूअल में हेराफेरी की शिकायतों के बाद विजिलेंस थाना में मुकदमा दर्ज किया गया। इस संदर्भ में साइबर कैफे और विभागीय कार्यालय में रिकॉर्ड जब्त किया जा चुका है। आरोपी अधिकारी और संचालक के साथ पूछताछ भी की जा चुकी है। अब बीच की कड़ियों की तलाश है, जिन्होंने इस फ्राड को अंजाम तक पहुंचाया। कुछ जागरूक लोगों की शिकायतों के बाद मामला उजागर हुआ। चर्चा है कि कार्यालय में भी इस षड्यंत्र के गहरे तार जुड़े हो सकते हैं। उधर, एएसपी कुलभूषण वर्मा ने कहा कि हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।