कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के लिए भूमि अधिग्रहण में अनियमितताएं पाई जा रही हैं। मौजा बकरोआ में हुए भूमि अधिग्रहण में दर्ज इंतकाल के ततीमा का मुसाबी से सही मिलान नहीं हो रहा है। इसकी पुष्टि तहसीलदार घुमारवीं ने क्षेत्रीय अभिकरण की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद की है। तहसीलदार अजय कुमार सिंह ने 17 जुलाई को फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति बागठेड़ू के महासचिव को पत्र संख्या जीएमआरओके 2020/857 में यह बात स्पष्ट की कि क्षेत्रीय अभिकरण से मामले की जांच करवाई गई है।
इसमें पाया कि फोरलेन भूमि अधिग्रहण की विशेष इकाई ने जो ततीमा मौजा बकरोआ के इंतकाल नंबर 454 तारीख फैसला 28 /10/2014 व मैप में बनाए हैं, वह ततीमा मुसाबी पर ओवरलैप हो रहे हैं। उक्त इकाई की ओर से बनाए ततीमा में मुसाबी के अनुसार ज्यादातर करूकान ततीमों में दर्ज नहीं हैं।
पैमाना के अनुसार करूकान दर्ज न होने से ततीमा में लगाया गया करण अपनी जगह स्थिर नहीं रह सकता है, जिससे फोरलेन भू अर्जन इकाई की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। साल 2014 में बिलासपुर के तत्कालीन रहे भू अर्जन अधिकारी ने पुष्टि की थी कि उक्त भूमि का अधिग्रहण एलएपी के तहत हुआ है। हाल ही में विस्थापित समिति को वर्तमान भू अर्जन अधिकारी ने जो जानकारी दी है, उसमें साफ किया है कि अधिग्रहण ततीमाजात के आधार पर हुआ है।
भूमि अधिग्रहण प्लान और ततीमा में नहीं कोई फर्क
फोरलेन में भूमि अधिग्रहण के लिए एलएपी और ततीमाजात में कोई फर्क नहीं है। दोनों के तहत एक ही प्रक्रिया उपयोग में लाई जा रही है। इंतकाल नंबर 454 की ओवरलैपिंग के बारे में अभी तक तहसीलदार घुमारवीं से उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली है। अगर उसके बारे में कोई पत्र उन्हें आता है तो खामियों को सुधारा जाएगा। - अजीत कुमार, तहसीलदार भूमि अधिग्रहण विशेष इकाई
अप्रूवड रोड अलाइनमेंट प्लान के अनुसार भूमि अधिग्रहण प्लान तैयार नहीं किया गया। उक्त प्लान के अनुसार मौका पर ततीमा नहीं बनाए गए। इस कारण लोगों में इस बात को लेकर दहशत का मौहाल है कि जो नए सिरे से उन्होंने घरों का निर्माण किया है, वे केंद्र सरकार की अप्रूवड रोड अलाइनमेंट प्लान में न आ जाएं।
- मदन शर्मा, महासचिव फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति