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पत्र बम: स्वास्थ्य मंत्री ने अपने ही पार्टी नेता रवि के खिलाफ खोला मोर्चा

Wed, 20 Nov 2019 12:39 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/पालमपुर (कांगड़ा)
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स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार - फोटो : अमर उजाला
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पत्र बम पर भाजपा की सियासत गरमा गई है और पार्टी की गुटबाजी भी फिर मुखर हो गई है। धूमल सरकार में मंत्री रहे रविंद्र सिंह रवि का नाम लिए बगैर ही स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने परोक्ष रूप से उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। परमार ने कहा है कि पत्र बम प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की लोकप्रियता से विरोधियों की बौखलाहट भरा गहरा षड्यंत्र था। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद साजिश कर्ताओं के असली चेहरे बेनकाब हुए हैं।

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विपिन सिंह परमार ने कहा - जिस सुनियोजित ढंग से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार, उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर और मेरे खिलाफ झूठी अफ वाह व व्यक्तिगत रूप से ख्याति को नुकसान पहुंचाने वाली आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ी सामग्री को सोशल मीडिया में वायरल करने का प्रयास किया गया, वह प्रदेश की स्थिर सरकार के विरुद्ध बड़ा षड्यंत्र था।

परमार ने कहा कि इस जांच रिपोर्ट से प्रदेश की जयराम सरकार के विरोधियों की साजिश से पर्दा उठा है। इस प्रकार के प्रकरण की जड़ तक जाने की आवश्यकता है और वह मुख्यमंत्री से आग्रह करेंगे कि इस प्रकरण की पूरी जांच गहराई तक करवाई जाए। उन्होंने कहा कि एफ आईआर पूर्व मंत्री के खिलाफ  नहीं थी बल्कि उस व्यक्ति के खिलाफ  थी, जिसने ये मैसेज वायरल किया था।
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लेकिन अगर कोई अपने आपको बेकसूर मानता है तो उन्हें ये पत्र लेकर संगठन व सरकार को उसी समय स्पष्ट रूप से बताना चाहिए था, जिससे साजिशकर्ता को बेनकाब किया जा सकता। स्वास्थ्य मंत्री परमार ने कहा कि यह प्रकरण सरकार के लिए नहीं बल्कि पार्टी के लिए भी अत्याधिक घातक और कमजोर करने का एक प्रयास था।

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पूर्व विधायक प्रवीण भी कूदे विवाद में

पत्र बम मामले में फोरेसिंक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीण भी इस विवाद में कूद पड़े हैं। उन्होंने कहा कि पत्र लिखने वालों और वायरल करने और कराने वालों को जयराम सरकार की लोकप्रियता रास नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में साफ है कि इसमें पूर्व मंत्री का हाथ है। उन्होंने कहा कि वायरल पत्र के जरिए खलबली मचाने वालों के असली चेहरे अब जनता के सामने आ चुके हैं।
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