वहीं ऊना के निकटवर्ती गांव जनकौर के समीप जंगल में गंभीर रूप से घायल एक तेंदुए की संदिग्ध मौत हो गई। वन विभाग की टीम ने तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं, विभाग ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। बताया जा रहा है कि तेंदुए का एक पंजा कट चुका था, जबकि उसका पेट क्लच वायर से कसा हुआ था। जानकारी के मुताबिक बुधवार को जनकौर के जंगल से स्थानीय युवकों की मदद से वन विभाग की टीम ने एक तेंदुए को काबू किया। तेंदुए को काबू करने के लिए स्थानीय युवकों के तीन पालतू कुत्ते भी घायल हुए हैं। तेंदुए के हमले से घायल जानवरों को पशु चिकित्सकों की टीम ने मौके पर पहुंचकर उपचार दिया।
वहीं, घायल तेंदुए को बेहोश कर पिंजरे में कैद किया गया। डीएफओ मृत्युंजय माधव और एसीएफ ऊना राहुल की टीम ने मौके पर पहुंचकर गांव के युवकों की मदद से तेंदुए को पकड़ा। ग्राम पंचायत प्रधान जगदेव ने बताया कि जंगल में तेंदुए की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम को सूचित किया। उन्होंने बताया कि गांव के राजिंद्र कुमार, राणा जसवीर बग्गी, हर्ष, हरीश, रणवीर सिंह, मनोज कुमार, इकबाल सिंह, कर्ण सिंह, युवराज राणा ने तेंदुए को काबू करने में अपना विशेष योगदान दिया। वहीं, डीएफओ मृत्युंजय माधव ने बताया कि रिहायशी इलाके के समीप जंगल में तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिली थी जिस पर टीम ने मौके पर तेंदुए को काबू किया। उन्होंने बताया कि तेंदुआ पहले से घायल था, जिसका एक पंजा कट चुका था, जबकि उसका पेट भी एक क्लच वायर से कसा हुआ था। इसकी वजह से तेंदुए ने दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि विभाग ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर तेुंदए का पोस्टमार्टम करवाकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा।