आंगन में खेल रहे तीन साल के बच्चे अभिषेक को तेंदुआ उठा ले गया। जब अभिषेक की तलाश की गई तो मक्की के खेत में उसकी कुछ हड्डियां मिलीं। मामला हिमाचल के शिमला जिले के रामपुर का है। झाकड़ी के खड़काग गांव में बुधवार देर शाम महिला पर हमला करने के बाद आंगन में खेल रहे तीन साल के बच्चे अभिषेक को तेंदुआ उठा ले गया।
घटना के वक्त अभिषेक की मां रसोई में खाना बना रही थी। उसे तेंदुए के हमले की भनक तक नहीं लगी। कुछ देर बाद आंगन में खून के धब्बे दिखे तो अभिषेक की तलाश शुरू हुई। पिता शमशेर सिंह और गांव वालों ने रात भर जंगल और आसपास के इलाके को छान मारा पर अभिषेक का कुछ पता नहीं चला।
मक्की के खेत में मिलीं बच्चे की कुछ हड्डियां
सुबह शमशेर सिंह ने झाकड़ी पुलिस थाने में बच्चे के गुम होने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने वन विभाग के कर्मियों के साथ बच्चे की तलाश शुरू की। इस दौरान मक्की के खेत में बच्चे की कुछ हड्डियां मिल गईं। झाकड़ी थाना प्रभारी तारा चंद नेगी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर चली गई थी।
पुलिस और वन कर्मचारियों ने बच्चे की जंगल में तलाश की। इस दौरान मक्की के खेत में बच्चे की कुछ हड्डियां मिली हैं। उधर, डीएफओ अमित शर्मा ने कहा कि डॉक्टरों की रिपोर्ट आने के बाद पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाएगा।
रसोई में परिवार के लिए खाना बना रही थी अभिषेक की मां
झाकड़ी में अभिषेक को शायद यह आभास न होगा कि जिस आंगन में वह अकेला खेल रहा है, वहां उस पर तेंदुआ अपनी नजरें टिकाए है। मां बच्चे की चिंता किए बिना रसोई में अपने परिवार के लिए खाना पका रही थी। उसे क्या पता था कि जिस लाडले के लिए वह खाना बना रही है, वह तो तेंदुए का शिकार बन चुका है।
बच्चे को आंगन से तेंदुआ कब उठा ले गया इसका किसी को पता नहीं चला। तेंदुए के हमले के बाद बच्चे के चिल्लाने की भी कोई आवाज नहीं आई। चार भाई-बहनों में सबसे छोटा तीन साल का अभिषेक अपने मां-बाप के जिगर का टुकड़ा तो था ही, साथ ही भाई-बहनों का भी लाडला था। तेंदुए का शिकार हुआ अभिषेक अपने परिवार के प्रत्येक सदस्य को गहरे जख्म दे गया।
खून के धब्बे देखे तो उड़े होश
बच्चे का जब तक कोई सुराग नहीं लगा तब तक शमशेर सिंह और उसकी पत्नी यही मान रहे थे कि कहीं न कहीं उनका लाडला सुरक्षित मिल जाएगा। जैसे ही उन्होंने आंगन में खून के धब्बे देखे तो उनके होश उड़ गए, क्योंकि उनका बेटा भी आंगन में नहीं मिला। जैसे तैसे रात गुजारी और सुबह होते ही मामला पुलिस के पास पहुंच गया।
गांव के पास बच्चे की हड्डियां मिलने से यह तो साफ हो गया है कि तेंदुए ने अभिषेक को मार दिया। पुलिस यह मान कर चल रही है कि तेंदुए ने ही अभिषेक को अपना शिकार बनाया। इससे पहले एक महिला पर भी तेंदुए ने हमला किया था। लेकिन वह बच गई है। वन विभाग अभी यह तय करेगा कि बच्चे को आखिर मारा किसने, तेंदुए ने या फिर किसी अन्य जंगली जानवर ने।
वन विभाग देगा मुआवजा
बच्चा अगर तेंदुए का शिकार बना तो वन विभाग मुआवजा देगा। माना जा रहा है कि अगर बच्चा आंगन में अकेला न खेल रहा होता तो वह तेंदुए का शिकार बनने से बच सकता था। उसके अन्य भाई-बहन घर के अंदर ही मौजूद थे।
तेंदुए ने बच्चे को आंगन में अकेला देखा और मां की आंख से चुराकर उसे अपना शिकार बना लिया। गौर रहे कि इससे पहले भी रामपुर के झाकड़ी में पांच माह में करीब चार बार बच्चों पर तेंदुआ हमला कर चुका है। लेकिन वह किसी तरह बच गए थे। इससे पहले भी रामपुर में तेंदुए ने एक बच्चे को अपना शिकार बनाया था।