केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही योजना में शिमला के लोगों के लिए एलईडी बल्बों की खरीदारी को सुविधाजनक बना दिया है। एक ओर जहां यह बल्ब बाजारों से सस्ती दरों में उपभोक्ताओं को काउंटरों पर उपलब्ध हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ग्राहकों को कम दाम में काफी अच्छी क्वालिटी के एलईडी बल्ब मिल रहे हैं।
काउंटर पर बैठे कंपनी के एक कर्मचारी ने बताया कि एक दिन में 200 से 250 लोग बल्ब खरीद रहे हैं। योजना के तहत प्रत्येक घरेलू उपभोक्ताओं पांच एलईडी बल्ब दिए जाएंगे। इसकी कीमत 100 रुपये है। पहले यह तीन बल्ब किस्त पर जबकि दो बल्ब नकद भुगतान पर मिलने थे लेकिन कुछ लोग किस्तों पर भुगतान न करके सीधे ही बल्ब की खरीददारी कर रहे हैं।
बल्ब लेने के लिए लोगों को आईडी प्रूफ और तीन महीने के पुराने बिल लाने होंगे। किस्तों पर यह बल्ब बल्ब 105 रुपये में मिलेगा। नकद 100 रुपये में बल्ब मिलेगा। कामर्शियल उपभोक्ताओं को भी दस एलईडी बल्ब दिए जाएंगे। बाजारों में एलईडी बल्ब की कीमत 350 से लेकर 500 रुपये के बीच है।
उपभोक्ताओं को ऐसे मिल रहे एलईडी बल्ब
एलईडी बल्ब का आवंटन निजी कंपनी करेगी। इसके लिए शहर में जगह विशेष काउंटर लगाए गए हैं। इसके अलावा उपभोक्ता बिजली बोर्ड के स्थानीय दफ्तरों से भी बल्ब ले सकते हैं। किस्त पर एलईडी बल्ब लेने के इच्छुक उपभोक्ताओं को ताजा बिजली बिल की जमा करवाई गई रसीद दिखानी पड़ेगी। इसके अलावा पहचानपत्र के तौर पर उपभोक्ताओं को आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या कोई अन्य वैध पहचानपत्र की फोटो कापी काउंटर पर देनी होगी।
हर व्यक्ति को जरूरी नहीं है बल्ब खरीदना
1. प्रदेश के उपभोक्ताओं के लिए एलईडी बल्ब खरीदना अनिवार्य नहीं है। यह एक स्वैच्छिक योजना है।
2. किस्त पर तीन और नकद भुगतान पर दो बल्ब मिलेंगे। व्यावसायिक उपभोक्ताओं को योजना में दस बल्ब मिलेंगे
3. उपभोक्ता सुबह 10 से शाम 5 बजे तक बिजली काउंटरों पर कभी भी एलईडी बल्ब प्राप्त कर सकते हैं।
4. किस्त के प्रति माह चुकाने होंगे साढ़े दस रुपये, तीन वर्षों तक बल्ब बदलने की वारंटी भी हैं।