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सुक्खू के समर्थन में आए और नेता, राहुल से करेंगे शिकायत

Thu, 17 Jan 2019 12:05 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू और कार्यकर्ताओं पर पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह की टिप्पणियों के बाद विवाद थम नहीं रहा। सुक्खू के समर्थन में अब हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी कानूनी विभाग, हाईकोर्ट बार कांग्रेस लीगल सेल और कांग्रेस पार्टी ह्यूमन राइट विभाग भी उतर आए हैं। इन्होंने कहा है कि वीरभद्र सिंह की शिकायत राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल से की जाएगी।

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 कांग्रेस कानूनी विभाग के चेयरमैन आईएन मेहता, उपाध्यक्ष यशवर्धन चौहान, महासचिव अनूप रतन, सचिव पुष्पेंद्र जसवाल, बार लीगल सेल के चेयरमैन विशाल पंवर और ह्यूमन राइट विभाग के चेयरमैन संजय चौहान ने कहा कि वीरभद्र सिंह छह बार कांग्रेस से सीएम रहे हैं। कार्यकर्ताओं के दम पर ही प्रदेश में कांग्रेस सरकारें बनीं और वीरभद्र ने राज किया।

हमीरपुर के गजोह में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कबाड़ कहना और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष के लिए गलत शब्द प्रयोग करने से कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं। लोकसभा चुनाव से पहले वीरभद्र सिंह ने गलत बयानबाजी कर कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने का काम किया है। पार्टी को अपने अनुसार चलाने के लिए वीरभद्र ने यह पहली बार नहीं किया। प्रदेश में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के ठीक पहले भी वह ऐसा कर चुके हैं।  

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सुक्खू ने प्रदेश में जीवित की कांग्रेस’

कानूनी विभाग, हाईकोर्ट बार लीगल सेल और ह्यूमन राइट विभाग के पदाधिकारियों ने कहा कि सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कांग्रेस को प्रदेश में जीवित किया है। राहुल गांधी की नीतियों के अनुसार युवाओं को संगठन में जगह दी।

वरिष्ठ नेताओं के मान-सम्मान का पूरा ध्यान रखा। मगर, वीरभद्र सिंह पूर्व कांग्रेस सरकार के समय सीएम रहते हुए कभी संगठन के साथ नहीं चले। उन्होंने शुरू से ही संगठन और सुक्खू की खिलाफत की।

संगठन तो हर चुनाव में पूरी निष्ठा के साथ कड़ी मेहनत करता रहा, लेकिन सरकार का सहयोग नहीं मिला। यह भी सुखविंद्र सिंह सुक्खू के खिलाफ  साजिश के तहत किया गया।
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नौ पूर्व कांग्रेस विधायक बोले,  सुखविंद्र का कार्यकाल सराहनीय रहा 

पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू और कार्यकर्ताओं के खिलाफ टिप्पणियों का कांग्रेस के नौ पूर्व विधायकों ने भी कड़ा विरोध किया है। पूर्व विधायक रामनाथ शर्मा, गणेश दत्त भरवाल, मनसा राम, सुरेंद्र भारद्वाज, सुरेंद्र काकू,  तिलकराज, सोहन लाल और कुलदीप सिंह पठानिया ने आरोप लगाया कि पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह बेहद अनुभवी होने के बावजूद न जाने क्यों बचकाना हरकतें कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह, सुक्खू पर टिप्पणियां करना बंद करेंगे।  

इन पूर्व विधायकों ने कहा कि सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कांग्रेस अध्यक्ष रहते निष्पक्षता के साथ कार्य किया। हम लोग अपने-अपने घरों पर बैठे हुए थे। पार्टी में कोई पूछ नहीं थी। सुक्खू न केवल घर मिलने आए, बल्कि जोश भरते हुए कांग्रेस पार्टी का काम करने के लिए फील्ड में उतारा। सुक्खू चाहते तो न आते पर उनका एक ही मकसद का था कि पार्टी को एकजुटता के साथ आगे बढ़ाते हुए बूथ और घर-घर तक मजबूत करना है। कार्यकर्ताओं की इतनी बढ़ी फौज खड़ी करनी है कि विपक्ष को हर मोर्चे पर चित किया जा सके। 

पूर्व विधायकों ने कहा कि जब सुक्खू पहले ही राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को इस्तीफे की पेशकश कर चुके थे तो उन्हें हटाने जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना उचित नहीं है। सुक्खू के बदले जाने के बाद वीरभद्र सिंह को उनके गृह क्षेत्र में जाकर कार्यकर्ताओं और पूर्व प्रदेशाध्यक्ष के खिलाफ  टिप्पणियां नहीं करनी चाहिए थी। पूर्व विधायकों के अनुसार प्रदेश में संगठन अपने पैरों पर खड़ा हुआ है। इससे हमें खुशी होती है। बीते एक साल में सुक्खू ने जिस तरह से संगठन को चलाया वह न केवल काबिल ए तारीफ है। सुक्खू ने जिस तरह से पार्टी के लिए काम किया है। उम्मीद है कि आगे भी वैसे ही होगा। 
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