नवजात शिशुओं के अभिभावकों के लिए 29 फरवरी कई संशय बनाकर चला गया। इस दिन जन्म लेने वाले शिशु के माता-पिता यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि शिशु का जन्मदिन अगले साल किस तिथि को मनाएं। अभिभावकों के दोस्त यह कह रहे हैं कि शिशु का जन्मदिन अब चार साल बाद आएगा।
हालांकि, लीप ईयर में नवजात के जन्म को लेकर परिवार में खुशी का माहौल बना हुआ है। राजधानी के अस्पतालों में 29 फरवरी को कई नवजात शिशुओं ने जन्म लिया है। अभिभावक यही सोच रहे थे कि बच्चे का जन्मदिन वह कब मनाएंगे? केएनएच में भी
29 फरवरी को शिमला की सुनीता तथा चौपाल की कृष्णा ने नवजात शिशु को जन्म दिया है। जोनल अस्पताल डीडीयू (शिमला) में भी तीन प्रसूता महिलाओं ने बच्चों को जन्म दिया हैं। कुनिहार की रहने वाली सुनीता ने अस्पताल में सुबह आठ बजकर पैंतीस मिनट पर लड़के को जन्म दिया।