उच्च शिक्षा निदेशालय की छात्रवृत्ति शाखा में नियुक्त एक अफसर का तबादला रुकवाने के लिए कई निजी शिक्षण संस्थानों ने सरकार पर भारी दबाव तक बनाया है।
कुछ संस्थानों के प्रबंधक तो निदेशालय तक भी तबादले रुकवाने की सिफारिशें लेकर पहुंचे हैं। कुछ नेताओं ने भी शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को छात्रवृत्ति शाखा का स्टाफ न बदलने के फोन किए हैं।
शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक छात्रवृत्ति घोटाला की विस्तृत जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को नहीं सौंपी गई है। सीएम ऑफिस में रिपोर्ट आने के बाद इसे कार्मिक मंत्रालय भेजा जाएगा। कार्मिक मंत्रालय जांच के लिए मामला सीबीआई को सौंपेंगे।