पीलिया से तीन वकीलों की मौत से गुस्साए शिमला के सैकड़ों वकील मंगलवार को सड़कों पर उतर गए। हिमाचल हाईकोर्ट, जिला शिमला कचहरी और प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल बार एसोसिएशन के बैनर तले वकीलों ने मंगलवार को सचिवालय के बाहर जमकर नारेबाजी की।
सचिवालय के मुख्य गेट के सामने वकीलों ने करीब दस मिनट के लिए ट्रैफिक जाम कर दिया। राज्य सरकार और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की गई। वकीलों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आम जनता के टैक्स के पैसे से खुद सरकार बिसलरी का पानी पीती है और आम जनता को दूषित पानी पिलाया जा रहा है।
अधिवक्ताओं ने सचिव से लेकर नगर निगम और प्रदूषण बोर्ड के जिम्मेदार अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग की। आईपीएच मंत्री का इस्तीफा मांगा और राज्यपाल से आग्रह किया कि वह एक कमेटी का गठन करे और इस पूरे मामले की जांच करवाएं। वकीलों के साथ पुलिस की हल्की नोकझोंक भी हुई।
इससे पूर्व वकीलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन जाकर राज्यपाल आचार्य देवव्रत को ज्ञापन भी सौंपा। पीलिया से तीन अधिवक्ताओं की मौत होने से वकील गुस्साए हैं। मंगलवार सुबह जिला शिमला बार एसोसिएशन के बैनर तले उपायुक्त कार्यालय के बाहर वकील जमा हुए। यहां से हाईकोर्ट तक पैदल मार्च किया।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट के सभागार में शोक सभा की ओर माल रोड की ओर आ रहे जिला कचहरी के वकीलों के साथ होकर राजभवन तक पैदल मार्च किया। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रधान केएस बन्याल, उपप्रधान दिनेश ठाकुर, प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल बार एसोसिएशन के प्रधान आदर्श शर्मा, जिला शिमला बार एसोसिएशन के प्रधान टेकचंद शर्मा और सचिव संजय रांटा सहित अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने राज्यपाल से मुलाकात की।
कब- क्या हुआ
सुबह 11:35- राजभवन में ज्ञापन सौंप कर वकीलों ने छोटा शिमला स्थित सचिवालय की ओर रुख किया।
11:55- सचिवालय के मुख्य गेट के पास पहुंचते ही ट्रैफिक रोक दिया। इस दौरान पुलिस के साथ हल्की नोकझोंक भी हुई। पुलिस वकीलों को सड़क खोलने की दलील देती रही लेकिन वकीलों ने नहीं सुनी।
12.05 से 12:45- करीब दस मिनट तक ट्रैफिक रोकने के बाद वकीलों ने छोटा शिमला गुरुद्वारे के पास जाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मंगलवार को जिला कचहरी, प्रदेश हाईकोर्ट और प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में वकीलों ने औपचारिक तौर पर कामकाज ठप रखा।