हिमाचल में पिछले चार दिन से भारी बारिश और गुरुवार रात तथा शुक्रवार सुबह आए अंधड़ से चार जिलों के कई क्षेत्रों में मक्की की फसल को नुकसान हुआ है। बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना और कांगड़ा जिले के कई क्षेत्रों में मक्की की फसल खेतों में बिछ गई है।
बरठीं और आसपास की लगभग चार पंचायतों बड़गांव, बरठीं, सुन्हाणी और बलोह के किसानों की 6 माह की कमाई पर बारिश ने पानी फेर दिया है। किसानों ने हजारों रुपये लगाकर मक्की की बुआई की थी, लेकिन बारिश के कारण मक्की की फसल जमीन पर लेट गई है।
भारी बारिश तथा हल्की हवा से मक्की के तने टूटकर जमीन पर गिर गए हैं। वहीं, सेब उत्पादक जिलों में सेब का तुड़ान रुक गया है। बागवान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। दूसरी ओर, तोड़ी हुई फसल को मंडियों तक पहुंचाने में भी दिक्कत हो रही है।
जिला शिमला के ऊपरी क्षेत्रों खासकर जुब्बल कोटखाई, चौपाल, नेरवा, ठियोग, नारकंडा, थानाधार, कोटगढ़, कुमारसैन, दरकाली, ननखड़ी, गौरा, मशनू और सराहन आदि क्षेत्रों में सेब का तुड़ान रुका है।
जिला कुल्लू के आउटर सिराज क्षेत्र में भी तुड़ान का काम प्रभावित हुआ है। मौसम साफ होने के बाद ही विभिन्न मंडियों में सेब पहुंचना शुरू होगा।