प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी बिना किसी वैध लाइसेंस और परमिट के प्रतिबंधित दवाइयों का अवैध भंडारण और कारोबार कर रहे थे। पुलिस ने बरामद नशीली दवाइयों को कब्जे में लेकर थाना बद्दी में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की आगामी जांच जारी है। वहीं छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में अन्य संदिग्ध और अवैध दवाइयां भी मिली हैं, जिनको लेकर ड्रग विभाग ने ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत अलग से कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। हिमाचल प्रदेश पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने कहा है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले तस्करों और अवैध दवा कारोबारियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
बंजार में 4 बीघा जमीन पर लहलहा रही थी अफीम की फसल
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चलाए जा रहे एंटी चिट्टा/ड्रग जन आंदोलन के तहत स्पेशल टास्क फोर्स ने कुल्लू जिला के बंजार क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को एसटीएफ को बठाहड़ क्षेत्र के गांव शालिंगचा, तहसील बंजार में अफीम की अवैध खेती किए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही एसटीएफ कुल्लू की दो टीमों ने मौके पर दबिश देकर तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान निजी भूमि पर करीब चार बीघा क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती पाई गई। एसटीएफ की गहन जांच में मौके से लगभग 1,32,787 अफीम के पौधे बरामद किए गए। कार्रवाई के दौरान टीम ने सभी पौधों को मौके पर ही नष्ट कर दिया। पुलिस के अनुसार अवैध खेती में संलिप्त लोगों के खिलाफ थाना बंजार में एनडीपीएस एक्ट के तहत दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। आरोपियों की पहचान और नेटवर्क की जांच भी शुरू कर दी गई है।