रेणुका बांध परियोजना के निर्माण के लिए 947 बीघा भूमि अवार्ड कर अधिग्रहण की तैयारी शुरू कर दी गई है। 15 सितंबर तक भूमि का अधिग्रहण कर बांध प्रबंधन विस्थापित होने वाले लोगों को 110 करोड़ रुपये बांटेगा। भू मालिकों को अवार्ड लेटर जारी किए जा रहे हैं।
जामू कोटी पंचायत के मोजा जामू में 300 बीघा, पराड़ा पंचायत के बनोहल मोजा में 235 बीघा और मोजा मल्हान टुहरी में 392 बीघा जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। रेणुका बांध परियोजना के महाप्रबंधक बीके कौशल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पैसा मिलते ही भूमि का अधिग्रहण कर लिया जाएगा। बजट की डिमांड केंद्र सरकार से पहले ही की जा चुकी है।
उल्लेखनीय है कि बांध का काम भले ही अभी तक सिरे नहीं चढ़ा, लेकिन पिछले 7-8 वर्षों में प्रबंधन इस पर 267 करोड़ खर्च चुका है। यह राशि कुल जमा पूंजी से 28 करोड़ ज्यादा है। बांध प्रबंधन के खाते में 239 करोड़ जमा थे।
इसमें 214 करोड़ दिल्ली सरकार और 25 करोड़ हरियाणा सरकार ने 2008 में जमा किए थे। इस राशि में से अधिकतर राशि प्रबंधन ने पुनर्वास को लेकर खरीदी जमीन व भूमि अधिग्रहण पर खर्च कर दी जबकि 28 करोड़ की अतिरिक्त राशि राज्य सरकार के खाते से खर्च की गई है।