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लामा वांगडोर रिंपोछे की समाधि हुई पूरी, छह नवंबर को होगा दाह संस्कार

Thu, 03 Oct 2019 02:46 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रिवालसर (मंडी)
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- फोटो : अमर उजाला
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लामा वांगडोर रिंपोछे की समाधि अब पूरी हो गई है। देह त्यागने के बाद करीब एक सप्ताह तक वह समाधि में लीन रहे। समाधि पूर्ण होने के बाद उनकी मृत देह को ताबूत में रिवालसर के प्रसिद्ध जिगर बौद्ध मंदिर में रखा गया है। इस मंदिर में दर्जनों बौद्ध गुरु दिन-रात पूजा-पाठ कर रहे हैं।

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लामा वांगडोर रिंपोछे का दाह संस्कार छह नवंबर को इसी मंदिर परिसर में किया जाएगा। इससे पहले हवन पाठ होगा। इसी दौरान मृत देह को अग्नि के हवाले किया जाएगा।

जहां लामा रिंपोछे का दाह संस्कार होगा, उसी स्थान पर उनका स्तूप भी बनाया जाएगा। जिगर बौद्ध मंदिर रिवालसर के प्रमुख लामा वांगडोर रिंपोछे बीती 18 सितंबर रात को मृत्यु को प्राप्त हुए थे।
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उनका मृत शरीर एक सप्ताह तक पूरी तरह सुरक्षित रहा। बौद्ध धर्म के अनुसार लामा रिंपोछे समाधि में चले गए थे, जिसे थुक्दम कहा जाता है।  एक सप्ताह तक मृत देह को उसी कमरे में रखा गया था, जहां लामा रिंपोछे रहते थे। यहां सैकड़ों बौद्ध अनुयायियों ने उनके दर्शन किए।

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25 सितंबर को मिले शरीर छोड़ने के संकेत    

25 सितंबर को जब मृत देह से इस बात के संकेत मिले कि अब लामा रिंपोछे ने शरीर को छोड़ दिया है तो इसे ताबूत में रखकर मंदिर के बीच रखा गया। बताया जा रहा है कि मृत शरीर को सहेजने के लिए उसे ताबूत में नमक डालकर रखा गया है।

जिगर बौद्ध मंदिर रिवालसर के सचिव थुपतिन हारा ने समाधि पूरी होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि लामा वांगडोर रिंपोछे का दाह संस्कार 6 नवंबर को मंदिर परिसर में ही किया जाएगा। उसी स्थान पर लामा का स्तूप बनाया जाएगा। तब तक मंदिर में पूजा-पाठ का सिलसिला जारी रहेगा।
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