शिमला शहर के एक नामी रेस्तरां से 8 मजदूरों को बिना नोटिस नौकरी से निकालने के खिलाफ सोमवार को होटल मजदूर लाल झंडा यूनियन ने डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान यूनियन के सदस्यों ने नारेबाजी कर विरोध दर्ज करवाया।
यूनियन के प्रधान किशोरी ढटवालिया ने बताया कि अगर रेस्टोरेंट प्रबंधन निकाले गए 8 मजदूरों को वापस नौकरी पर नहीं रखता तो उग्र संघर्ष शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के श्रम कानूनों में किए संशोधन का व्यापक असर पड़ना शुरू हो गया है।
इसी कड़ी में शिमला के रेस्टोरेंट से बिना किसी पूर्व नोटिस के एक साथ 8 मजदूरों की नौकरी छीन ली गई है। यूनियन के सचिव विनोद विरसांटा ने बताया कि रेस्टोरेंट में श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। न्यूनतम वेतन, मेडिकल और ओवरटाइम से कर्मचारियों को वंचित रखा जा रहा था।
अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करने पर मजदूर की आवाज दबाने की कोशिश में उन्हें नौकरी से निकाला है। प्रदर्शन के दौरान जगदीश चंद, पवन शर्मा, बालक राम, दयाल सिंह, पुष्पराज, प्रेम चंदेल, मनोहर लाल, कपिल नेगी, अतर सिंह, जीत सिंह, विक्रम सिंह, राम दयाल, सतपाल, रमाकांत और शिवकुमार सहित अन्य कार्यकर्त्ता मौजूद रहे।