उन्होंने कहा कि लक्ष्य के कार्यान्वयन के लिए अस्पतालों में ढांचागत बदलाव किए जा रहे हैं। इस अवसर पर मिशन निदेशक एनएचएम मनमोहन शर्मा ने प्रदेश में लक्ष्य को लागू करने की रूपरेखा पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि जो स्वास्थ्य संस्थान निर्धारित गुणवत्ता मानकों को पूरा करने में सक्षम रहेंगे, उनके स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।कार्यक्रम के दौरान राज्य की एक पहल सुरक्षा पर भी रिपोर्ट जारी की गई।
इस पहल के तहत दूरदराज के इलाकों में घर पर प्रसव होने की स्थिति में मीसोप्रोस्टोल की गोली खिलाई जाती है। यह पहल राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराही गई है। इससे माता मृत्यु दर में कमी आई है।
रिपोर्ट में राज्य की मातृ मृत्यु दर 77 पाई गई है, जो राष्ट्रीय दर 137 से काफी कम है। इस अवसर पर प्रधान सचिव ने बच्चों में निमोनिया की रोकथाम के लिए तकनीकी दिशा निर्देश पुस्तिका और मातृ मृत्यु दर का विमोचन भी किया।