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एकसाथ उठेंगी चार अर्थियां: बाढ़ ने दिया कभी नहीं भूलने वाला जख्म, वर्षों गूंजती रहेंगी सिसकियां

Thu, 29 Jul 2021 11:25 AM IST
अरविन्द ठाकुर मनोज कुमार, अमर उजाला नेटवर्क, नगवाईं (मंडी)

सार

शेर सिंह के परिवार में पत्नी बिमला देवी और दो बेटे, रूम सिंह के परिवार में पत्नी व एक बेटा और एक बेटी हैं और मेहर चंद अपने पीछे पत्नी और बेटी छोड़ गया है।
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लाहौल-स्पीति के तोजिंग नाले में बाढ़ की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त गाड़ी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लाहौल-स्पीति के तोजिंग नाले की बाढ़ ने मंडी के भमसोई गांव को कभी न भूलने वाले जख्म दिए हैं। बाढ़ की चपेट में आने से इस गांव के चार लोग काल का ग्रास बने हैं। हादसे की सूचना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया। कई घरों में बुधवार को दिन भर चूल्हा नहीं जला। वीरवार को एक ही गांव से चार अर्थियां उठेंगी। नाले में बही जीप में मंडी जिले के भमसोई और न्योलीधार के सात लोग ठेकेदार के माध्यम से पांगी में रोप-वे का निर्माण कार्य करने जा रहे थे।

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जीप में भमसोई गांव के छह और पनारसा के न्योलीधार का एक व्यक्ति सवार था। मंगलवार दोपहर बाद सातों ने अपने अपने घरों से पांगी का रुख किया और बुधवार सुबह तोजिंग नाले के पास हादसा हो गया। मृतक निरत राम अपने पीछे पत्नी लता देवी और एक बेटा व तीन बेटियां छोड़ गया है। परिवार में निरत राम ही कमाने वाला था।

शेर सिंह के परिवार में पत्नी बिमला देवी और दो बेटे, रूम सिंह के परिवार में पत्नी व एक बेटा और एक बेटी हैं और मेहर चंद अपने पीछे पत्नी और बेटी छोड़ गया है। भमसोई गांव के देसराज और तेजराम के अलावा होतम राम हादसे में बाल-बाल बचा है। बुधवार को जैसे ही सूचना मिली पूरे गांव में हड़कंप मच गया। प्रभावित परिवार फोन पर एक अपनों का हाल जानने में जुट गए। चारों मृतकों का अंतिम संस्कार पैतृक गांव भमसोई के श्मशानघाट में होगा। 

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