हैंड सैनिटाइजर (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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कोरोना वायरस के चलते प्रदेश के लोगों को 14 वें वित्त आयोग के फंड से पंचायत प्रधानों को मास्क और सैनिटाइजर वितरित करने के आदेश पर सरकार ने फिलहाल रोक लगा दी है। आगामी आदेशों तक कोई भी पंचायत लोगों को मास्क नहीं बांटेंगी। पहले पंचायत स्तर पर 14वें वित्त आयोग के फंड से लोगों को निशुल्क मास्क और सैनिटाइजर बांटने के आदेश जारी किए थे। सरकार अब तैयारी कर रही है कि 14वें वित्त आयोग के फंड से पंचायतों द्वारा लोगों को मुफ्त वितरित करने वाले मास्क अब पंचायत के बजाय घर-घर बांटे जाने चाहिए। सरकार ने उच्चाधिकारियों से मंथन पर पाया कि अगर पंचायतों में मास्क वितरित किए गए तो लोगों का जमावड़ा हो जाएगा और इससे संक्रमण की रोकथाम के बजाय इसके फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। ऐसे में अब उच्चाधिकारियों ने इस पर रोक लगा दी है। बीडीओ गोहर निशांत शर्मा ने इसकी पुष्टि की है।
उल्लेखनीय है कि पंचायती राज विभाग द्वारा गत 24 मार्च को कोरोना की रोकथाम के दृष्टिगत प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत द्वारा लोगों को सैनिटाइजर एवं मास्क वितरित करने का निर्णय लिया था। विभाग द्वारा सभी विकास खंडों को पत्र लिखकर सभी पंचायतों को सैनिटाइजर खरीद कर ग्राम पंचायत के प्रत्येक परिवारों को वितरित करने के तत्काल दिशा निर्देश जारी किए थे। घुमारवीं के विधायक राजेंद्र गर्ग ने बताया कि विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधियों द्वारा इस संदर्भ में बात करने पर इस मामले को पंचायती राज मंत्री तथा प्रदेश सरकार के संज्ञान में लाया गया है। विभाग द्वारा फिलहाल इस पर पुनर्विचार किया जा रहा है तथा आगामी आदेश कल तक आने की उम्मीद है। जिला पंचायत अधिकारी शशि वाला ने बताया कि इस संबंध में मैसेज के माध्यम से जानकारी मिली है।