हिमाचल प्रदेश में कोरोना महामारी से संक्रमित लोगों में से 83 हजार 679 लोग अब पूरी तरह ठीक हो चुके हैं। राज्य के प्रवक्ता ने बताया कि इसके साथ ही कोरोना महामारी से ठीक होने वाले मरीजों की रिकवरी दर लगभग 78 प्रतिशत हो गई है। राज्य में अब तक कोरोना के कुल 107121 मामले सामने आए हैं। कोविड की दूसरी लहर में मामले बढ़ने के कारण सरकार ने परीक्षण और टीकाकरण अभियान को भी बढ़ाया है। अब तक प्रदेश में 15 लाख 39 हजार 545 लोगों का कोविड परीक्षण किया जा चुका है, जिनमें 14 लाख 24 हजार 35 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
जिलों में कोरोना महामारी को मात देने वाले लोगों में कांगड़ा जिला प्रदेशभर में सबसे आगे बना हुआ है जबकि दूसरे स्थान पर जिला शिमला है। कांगड़ा जिला में अब तक सबसे ज्यादा 13766 कोरोना मरीज ठीक हुए हैं जबकि शिमला जिला में ठीक होने वाले कोरोना मरीजों की संख्या 13026 है। कोरोना मरीजों के उपचार के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों सहित कुल 28 स्वास्थ्य संस्थानों को समर्पित कोविड अस्पताल बनाया गया है। राज्य के इन सभी समर्पित कोविड अस्पतालों में 3354 बिस्तर उपलब्ध हैं।
बच्चों और वयस्कों के उपचार की अलग व्यवस्था करे प्रशासन
स्वास्थ्य विभाग ने होम क्वारंटीन कोविड मरीजों के लिए नए दिशा-निर्देश और उपचार संबंधी प्रोटोकॉल जारी किया है। इसके तहत बच्चों और वयस्क कोविड मरीजों के लिए उपचार संबंधी अलग-अलग व्यवस्था करने के निर्देश जिलों में प्रशासन को दिए गए है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि कोविड-19 मरीजों के सहायकों के लिए अस्पतालों में अलग क्षेत्र चिह्नित किया जाना चाहिए। जहां पर उनके लिए पेयजल और चिकित्सकों से संपर्क करने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।
सभी सहायक प्रतिदिन वरिष्ठ चिकित्सकों से अपने मरीज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और मरीज भी अपने सहायकों से प्रतिदिन कम से कम एक बार वीडियो कॉल कर बाचतीत कर सकेंगे। वहीं, राज्य मुख्यालय ने चिकित्सा ऑक्सीजन स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए एक नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश जारी किए हैं और औद्योगिक ऑक्सीजन के उपयोग के प्रतिबंध के संबंध में भी उचित कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।