गुरु कुमार स्वामी ने कहा कि कश्मीर में हो रहे अलगाववाद की जड़ धर्मगुरु और राजनेता हैं। साथ ही अज्ञानता भी एक बड़ा कारण है। कहा कि देश में धर्मों के नाम पर दंगे फसाद की जड़ भी धर्मगुरु और राजनेता हैं। जब चाहे करवा दें और जब चाहें बंद करवा दें।
हर आदमी अब हर चीज में अपना फायदा देखता है। पालमपुर में पत्रकार वार्ता के दौरान कुमार स्वामी ने कहा कि गुरु और ब्राह्मण पर नहीं शास्त्रों पर विश्वास करें। गुरु क्या कह रहा है, यह देखें कि यह शास्त्रों में है या नहीं।
पाश्चात्य संस्कृति वाले संपन्न और विकसित राष्ट्र भी वेदों और शास्त्रों का अनुसरण कर रहे हैं। वेदों और शास्त्रों में हर समस्याओं का समाधान है। केवल पश्चिमी देश ही नहीं, बल्कि वहां के वैज्ञानिक, डॉक्टर और बुद्धिजीवी भी वेदों और शास्त्रों के सरल पाठ से होने वाले प्रभावों को देख कर आश्चर्यचकित हैं।
अब तक वैज्ञानिक जगत और मेडिकल साइंस से जुड़े वर्ग ने भी यह स्वीकार कर लिया है कि सनातन धर्म संस्कृति और दिव्य बीज मंत्रों ने लाखों करोड़ों लोगों का जीवन पूरी तरह से बदल दिया है।
देश के हर देशवासी के लिए गरिमा की बात है कि भारतीय सनातम पुरातन संस्कृति को पूरे विश्व में व्यापक मान्यता मिल रही है। धर्मगुरुओं के राजनीति में आने पर उन्होंने कहा कि यह लोग राजनीतिज्ञ ही हैं। केवल उन्होंने गुरुओं का चोला ओड़ रखा है। इस दौरान सिने स्टार रामायण फेम अरुण गोविल भी मौजूद रहे।