कोरोना कर्फ्यू के दौरान बंद किए गए हिमाचल प्रदेश के चार संग्रहालय मंगलवार को आम लोगों और पर्यटकों के लिए खोल दिए गए। वहीं, लाहौल-स्पीति, कुल्लू और मंडी के कुछ प्राचीन और ऐतिहासिक मंदिर बुधवार से खोल दिए जाएंगे। संग्रहालयों और मंदिरों में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक पर्यटक और श्रद्धालु आ सकेंगे। गौर हो कि सोमवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने दशे भर के स्मारकों, प्राचीन मंदिरों और संग्रहालयों को खोलने की अधिसूचना जारी की है।
मंगलवार को चंबा के भूरि सिंह संग्रहालय में 8 लोग, धर्मशाला स्थित कांगड़ा आर्ट म्यूजियम में 10 लोग, शिमला के चौड़ा मैदान स्थित म्यूजियम में 2 लोग मंगलवार को पहुंचे, जबकि जनजातीय संग्रहालय केलांग में कोई नहीं आया।
बुधवार को लाहौल-स्पीति जिले में स्थित माता मृकुला देवी, कुल्लू जिले के मनाली में स्थित प्राचीन माता हिडिंबा के मंदिर को खोलने के पुरातत्व विभाग ने निर्देश जारी कर दिए।
कुल्लू जिले के दशाल, जगतसुख और नग्गर स्थित तीनों गौरीशंकर मंदिर, बजौरा का विश्वेश्वर महादेव मंदिर बुधवार को खुल जाएगा। पुरातत्व विभाग के अधिकारी लक्ष्मेंद्र ने कहा कि बुधवार से जिला कुल्लू के पांच और लाहौल-स्पीति जिले के मृकुला माता मंदिर को फिर से खोला जाएगा। श्रद्धालुओं को कोरोना प्रोटोकाल के तहत ही मंदिरों में प्रवेश की अनुमति मिलेगी।
उधर, मंडी जिले के चार प्राचीन मंदिरों त्रिलोकीनाथ, पंचवक्त्र, बरसेला और अर्द्धनारीश्वर मंदिर भी बुधवार से कोरोना की रोकथाम के लिए बनी एसओपी का पालन करते हुए खोल दिए जाएंगे। श्रद्धालु मंदिरों में प्रसाद नहीं ला सकेंगे। लोगों की सुविधा के लिए सभी मंदिरों में सैनिटाइजर सुविधा सुनिश्चित करवानी अनिवार्य रहेगी।