देव भूमि जागरण मंच के क्षितिज सूद ने कहा कि 14 सितंबर को हुए धरने के दौरान प्रशासन को पांचों मांगों का ज्ञापन सौंपा गया था, उस पर प्रशासन ने कोई भी कार्रवाई नहीं की। अगर प्रशासन मांगों पर कार्रवाई करता तो इस तरह के धरने की नौबत नहीं आती है। मांगें पूरी न होने तक मंच चुप नहीं बैठेगा।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जिले में आ रहे विशेष धर्म के प्रवासी प्रवासियों का पंजीकरण किया जाए। इनके खाने-पीने की वस्तु बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। नगर परिषद व अन्य स्थानीय निकायों की ओर से एक कमरे में पांच से आठ लोगों को रखा जा रहा है, जो नियमों के खिलाफ है। बिना बिल का सामान बेचने व फेरी वालों पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। फेरी वालों से स्थानीय लोगों के रोजगार पर असर पड़ रहा है।