खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने पटवारी को मौके पर भेजा। प्रशासन के निर्देश के बाद 13 परिवार घरों को खाली करने में जुट गए हैं। सारा सामान और पालतू पशुओं को निकाल दिया गया है। प्रभावित लोग तराला गांव में शरण लेने के लिए मजबूर हैं।
उपमंडल आनी में भारी बारिश से ऊपरी तराला गांव भूस्खलन की जद में आ गया है। पहाड़ी पर दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं। जमीन दलदल बनती जा रही है और यह धीरे-धीरे खिसकना शुरू हो गई है। उधर, प्रशासन ने खतरे को भांपते हुए 13 मकान खाली करवा दिए हैं। बताया जा रहा है कि ऊपरी तराला गांव के ऊपर जिमे राम के बगीचे के नीचे पहाड़ी पर दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं। यह सेब बगीचे में भी साफ नजर आ रही हैं।
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खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने पटवारी को मौके पर भेजा। प्रशासन के निर्देश के बाद 13 परिवार घरों को खाली करने में जुट गए हैं। सारा सामान और पालतू पशुओं को निकाल दिया गया है। प्रभावित लोग तराला गांव में शरण लेने के लिए मजबूर हैं। हालांकि, प्रशासन प्रभावितों के ठहरने के लिए स्कूल भवन और रेस्ट हाउस में इंतजाम करना चाह रहा था, लेकिन प्रभावित परिजनों के घरों में ठहरना चाहते हैं। एसडीएम आनी कुलदीप पटियाल ने बताया कि पटवारी और कानूनगो ने मौके का जायजा लेकर जो रिपोर्ट तैयार की है, उसे उपायुक्त कुल्लू के पास भेज दिया है।
ये परिवार प्रभावित
जमीन खिसकने से ऊपरी तराला गांव के जिमे राम पुत्र अनंत राम, शेर सिंह पुत्र झुड़ू राम, पीणु देवी पत्नी गोविंद सिंह, प्रवीण सिंह पुत्र ज्वाला दास, श्याम लाल पुत्र ज्वाला दास, दसमी राम पुत्र लजे राम, महेंद्र सिंह पुत्र सितम राम, अंजना देवी पत्नी केहर सिंह, इंद्र सेन पुत्र झुडा राम, श्रवण कुमार पुत्र हंसराज, मनोहर लाल पुत्र भीमा राम, सुनग राम पुत्र लौंगू राम और धर्म चंद पुत्र जीत राम प्रभावित हुए हैं।