पांच अक्तूबर से शुरू होने वाले अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव को लेकर देव समाज ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। दशहरा उत्सव समिति ने देवी-देवताओं को निमंत्रण पत्र भेज दिए हैं, जो उन्हें मिल भी गए है। ऐसे में देव समाज ने देवी-देवताओं के मुख मोहरों को सजाने का काम भी शुरू कर दिया है।
दशहरा उत्सव समिति ने दशहरा के लिए रिकार्ड 332 देवी-देवताओं का बुलावा भेजा है। तीन साल बाद दशहरा के हो रहे भव्य आयोजन को जिलावासियों के साथ देव समाज को बेसब्री से इंतजार है। ऐसे में देवी-देवताओं के कारकून देवी-देवताओं के मुख मोहरों, ढोल नगाड़ों और अन्य वाद्य यंत्रों की मरम्मत कर रहे हैं।
जिले के बाह्य सराज आनी-निरमंड से लेकर मनाली तक के देवी-देवता उत्सव में भाग लेंगे। माता हिडिंबा, बिजली महादेव के साथ बाह्य सराज के अधिष्ठाता खुडीजल, टकरासी नाग, ब्यास ऋषि, कोट पझारी, चोतरू नाग, देवता चंभू, सप्त ऋषि, शेष नाग ने दशहरा में आने की हामी भर दी है। भगवान रघुनाथ की अध्यक्षता वाले दशहरा उत्सव में साल दर साल देवी देवताओं की संख्या में वृद्धि हो रही है।
2022 में रिकार्ड 283 देवताओं ने उत्सव में भाग लिया था। जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर ने कहा कि दशहरा उत्सव समिति की ओर से भेजे निमंत्रण पत्र देवी-देवताओं को मिलना शुरू हो गए हैं। हालांकि अभी दशहरा की बैठक शिमला में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में होनी है। इसके बाद दशहरा उत्सव समिति अपनी तैयारियों को और तेज करेगी। बहरहाल जिला प्रशासन देवी-देवताओं के बैठने वाले अस्थायी शिविरों का निरीक्षण कर देवलुओं को आने वाली समस्याओं की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने कहा कि दशहरा उत्सव समिति कुल्लू ने इस बार जिला के 332 अधिक माफीदार और गैर माफीदार देवी-देवताओं को निमंत्रण पत्र भेजा है। देवताओं की भागीदारी ही दशहरा उत्सव की पहचान है। दशहरा में अधिक से अधिक संख्या में देवी-देवता आएं इसको लेकर दशहरा समिति प्रयासरत है।