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Kullu Cloudburst: बादल फटने से एक दिन पहले कल्पना ने बनाई रील, क्या पता था हो जाएगी अनहोनी

Fri, 09 Aug 2024 06:19 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर

सार

 31 जुलाई की रात को आई भयानक बाढ़ की चपेट में आने से कल्पना अपनी सात वर्षीय बेटी और चार वर्षीय बेटे के साथ बह गई। शुक्रवार को नौ दिन बाद कल्पना का शव नोगली में सतलुज नदी किनारे बरामद हुआ।
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नोगली में मिला कल्पना का शव। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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नौकरी के साथ-साथ रील बनाने की शौकीन कल्पना को क्या मालूम था कि एक दिन पहले वह रील के जरिये जिस मौत के बारे में जिक्र कर रही है, वह उसे अगले ही दिन अपने आगोश में ले लेगी। 31 जुलाई की रात को आई भयानक बाढ़ की चपेट में आने से कल्पना अपनी सात वर्षीय बेटी और चार वर्षीय बेटे के साथ बह गई। शुक्रवार को नौ दिन बाद कल्पना का शव नोगली में सतलुज नदी किनारे बरामद हुआ।बताते चलें कि रामपुर के समेज कस्बे में 31 जुलाई की रात को आई बाढ़ में कल्पना अपने दो बच्चों के साथ बह गई थी।

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कल्पना समेज में ग्रीनको परियोजना में अकाउंटेंट थी और एक अगस्त को उसने रतनपुर में ज्वाइनिंग देनी थी। इसके लिए कल्पना ने समेज स्थित अपने किराये के कमरे में सामान भी इकट्ठा कर लिया था। कल्पना केदारटा पत्नी जय सिंह मूल रूप से रामपुर के कांदरी की रहने वाली थी। कल्पना के भाई कुशाल सुनैल ने बताया कि कल्पना की सात वर्षीय बेटी अक्षिता और चार वर्षीय बेटे अद्विक को स्कूल से एक सप्ताह का अवकाश था, जिसके चलते दोनों बच्चे एक सप्ताह तक रामपुर के कांदरी गांव में मौज मस्ती करते रहे। 30 जुलाई को कल्पना अपने बच्चों का साथ समेज पहुंची थी। अगले ही दिन तीनों बाढ़ में बह गए।
 
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वीडियो में कहा था, आ गई मौत फिर...
इससे पहले 30 जुलाई को कल्पना ने एक रील बनाई थी, जिसमें उसने कहा था कि लोग कहते हैं कि काम कर लो, नहीं मौत आती, अगर आ गई तो। मैं इतना बड़ा रिस्क कैसे ले लूं, अपनी जान के साथ। अगर मैंने काम किया और आ गई मौत फिर, मैंने तो जिंदगी में कुछ नहीं देखा अभी। इस रील बनाने के अगले ही दिन कल्पना के साथ ऐसा हादसा पेश आ गया, जिसने उसकी और उसके दो मासूम बच्चों की जिंदली लील ली। बताते चलें कि कल्पना समेज में गोपाल के घर में किराये के कमरे में रहती थी। इसी मकान में उसका दफ्तर था और मकान में कुल 12 लोग रहते थे। ये सभी समेज त्रासदी में लापता हो गए।
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